सुबह करीब छह बजे मोबाइल पर मैसेज आने लगे। बैंक खातों में रकम जमा हो चुकी थी। कई महिलाएं हैरान रह गईं। पहले कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई थी। बाद में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा यह पहले से किया गया वादा था। पैसा सीधे ट्रांसफर किया गया। कोई लंबी प्रक्रिया नहीं दिखी।
क्या पांच हजार की पूरी जानकारी सामने आई?
हर लाभार्थी को कुल पांच हजार रुपये मिले। इसमें तीन महीने की सहायता शामिल है। फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए एक-एक हजार रुपये। साथ में दो हजार रुपये का विशेष ग्रीष्मकालीन पैकेज। सरकार ने कहा महंगाई बढ़ी है। खर्च भी ज्यादा हो गया है। इसलिए अतिरिक्त मदद दी गई। कुल खर्च हजारों करोड़ बताया गया है।
क्या चुनाव से जुड़ा है यह कदम?
राज्य में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव हैं। विपक्ष ने सवाल उठाए। उनका कहना है यह चुनावी फायदा लेने की कोशिश है। सरकार ने आरोप खारिज किए। स्टालिन ने कहा योजना पहले से चल रही है। यह उसका विस्तार है। बहस तेज हो गई है। लेकिन पैसा खातों में पहुंच चुका है।
क्या योजना पहले से लागू थी?
यह योजना सितंबर 2023 से चल रही है। शुरुआत में 1.13 करोड़ महिलाएं जुड़ी थीं। अब संख्या बढ़कर 1.31 करोड़ हो गई है। पात्रता राशन कार्ड से जुड़ी है। सरकार का कहना है यह महिला सशक्तिकरण का कदम है। सीधे बैंक ट्रांसफर से पारदर्शिता बढ़ी है। बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। इसे कल्याणकारी मॉडल बताया जा रहा है।
क्या विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी?
एडप्पडी के पलानीस्वामी ने इसे हार का डर बताया। भाजपा नेताओं ने भी आलोचना की। कुछ दलों ने पूछा कि गर्मी हर साल आती है। फिर विशेष पैकेज अभी क्यों। अभिनेता से नेता बने विजय ने भी सवाल उठाए। उनका कहना है समय से पहले भुगतान क्यों। राजनीतिक बयानबाजी जारी है। माहौल गर्म है।
क्या स्टालिन ने सफाई दी?
स्टालिन ने वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कुछ लोग योजना रोकना चाहते थे। इसलिए तीन महीने की रकम एक साथ दी गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सत्ता में लौटे तो राशि दोगुनी करेंगे। महिलाओं से समझदारी से खर्च करने की अपील की। शिक्षा और दवाइयों पर खर्च करने को कहा। इसे जिम्मेदार पहल बताया गया।
क्या आगे असर दिखेगा?
यह कदम राजनीति पर असर डालेगा। महिलाओं में सरकार की पकड़ मजबूत हो सकती है। विपक्ष इसे मुद्दा बनाएगा। चुनाव नजदीक हैं। हर फैसला अहम है। सीधी सहायता की नीति पर बहस जारी रहेगी। लेकिन फिलहाल 1.31 करोड़ खातों में रकम पहुंच चुकी है। यही इस कहानी की सबसे बड़ी सच्चाई है।
























