यूपी न्यूज. उत्तर प्रदेश के संभल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है । यहां तंत्र शिक्षा के नाम पर यौन शोषण और ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस ने मथुरा के एक निजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। यह प्रोफेसर ‘धनवर्षा गैंग’ का सदस्य है। तंत्र क्रिया के नाम पर प्रोफेसर लड़कियों की लंबाई मापने वाले फीते से मापता था, उनसे फॉर्म भरवाता था और फिर उन्हें गिरोह में शामिल कर लेता था। आरोपी के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और चैट मिले हैं। आरोपी के मोबाइल फोन से मिले फॉर्म में चौंकाने वाले सवाल हैं। इनमें लड़कियां भरी जाती थीं और उसके बाद ही लड़कियों को गिरोह में शामिल किया जाता था। आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने प्रेस कांफ्रेंस में यह खुलासा किया।
अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी गिरोह का आरोपी सदस्य
21 मार्च को धनारी थाना क्षेत्र के गांव बमनपुरी निवासी राजपाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी मां की कमर में दर्द हो रहा है। 11 मार्च को वह अपनी मां का तंत्र-मंत्र से इलाज कराने के लिए गांव के ही लखन और रिंकू से मिला था। पुलिस के अनुसार लखन गिरोह का मुखिया था। इसके बाद लाखन, रिंकू, अजय सिंह और दुर्जन राज्यपाल को नरोदा ले गए. जहां वे संतोष और शिवम को जबरन अपने साथ एटा जिले के आगरा में एक अज्ञात स्थान पर ले गए। किसी तरह वहां से बचकर दो दिन बाद राज्यपाल अपने घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इस मामले में थाना पुलिस ने बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान जब नामजद आरोपी रिंकू, अजय, संतोष, दुर्जन आदि से पूछताछ की गई तथा उनके मोबाइल की तलाशी ली गई तो पता चला कि ये सभी आरोपी अंतर्राज्यीय धनवर्षा धोखाधड़ी गिरोह के सदस्य हैं।
मासूम लड़कियों और लड़कों की तस्करी
वे गरीब परिवारों की मासूम लड़कियों और लड़कों की तस्करी करते थे और तंत्र अनुष्ठानों के माध्यम से धन की वर्षा का लालच देकर उनका यौन शोषण करते थे। वे वन्य जीवों की तस्करी भी करते थे। इस मामले में पुलिस ने 28 मार्च को 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि न्यायिक हिरासत में बंद डीएन त्रिपाठी के मोबाइल फोन से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद हुई हैं। जिसमें लड़की को लाकर तांत्रिक द्वारा काम करवाने की बात कही गई थी। डीएन त्रिपाठी ने पुलिस को बताया था कि यह बातचीत मथुरा निवासी डीएस सिसोदिया से हो रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने मथुरा के शास्त्रीनगर कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया तो दशरथ सिंह के मोबाइल फोन पर अन्य आरोपियों की तरह धनवारसा गैंग के कोड वर्ड में कई लड़कियों के वीडियो, फोटो और चैट मिले।
यौन शोषण के लिए लड़कियों की आपूर्ति
जब दशरथ सिंह से इस सब के बारे में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह भी धनवरसा तांत्रिक अनुष्ठान में विश्वास रखता है और करीब तीन साल से इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। वह यौन शोषण के लिए लड़कियों की आपूर्ति भी करता था। आरोपी धनवर्षा गिरोह में लड़कियों को तांत्रिक गुरु के पास ले जाता था। आरोपी प्रोफेसर के माध्यम से फॉर्म में भरी गई पांच फुट छह इंच लंबी लड़कियों के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेता था। पुलिस ने दशरथ को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी साउथ अनुकृति शर्मा भी मौजूद थीं।

























