राष्ट्रीय समाचार: नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक 24 मई, 2025 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में उपस्थित थे। इस बैठक में राज्यों के विकास के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। बैठक का मुख्य फोकस था: “विकसित राज्यों के माध्यम से विकसित भारत @2047।” प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर राज्यों से 2047 तक अपने विकास लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने इसे “टीम इंडिया” की भावना से जोड़ा और कहा कि राज्यों और केंद्र के सामूहिक प्रयास ही देश को विकास की ओर ले जाएंगे।
राज्यों की भूमिका और विकास की दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को अपना विजन तैयार करने की सलाह दी ताकि 2047 तक विकास लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपनी विशेषताओं और जरूरतों के आधार पर योजनाएं बनानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने “न्यूनतम गरीबी” को प्राथमिकता देने की बात कही ताकि देश के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने नीति आयोग को एक “निवेश-अनुकूल चार्टर” तैयार करने का निर्देश दिया जिसमें निवेश आकर्षित करने के लिए आवश्यक नीतियां और प्रक्रियाएं शामिल हों।
ग़ैरहाज़िर मुख्यमंत्रियों के केंद्र-विपक्ष रिश्तों पर सवाल
बैठक में 19 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे, जबकि 11 राज्यों के मुख्यमंत्री अनुपस्थित थे। इनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल थीं। इनकी अनुपस्थिति ने केंद्र और विपक्ष शासित राज्यों के बीच सहयोग की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीएम मोदी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच अनौपचारिक वार्ता
बैठक के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ऑफ-द-रिकॉर्ड बातचीत की। उन्होंने हल्के-फुल्के पल साझा किए और राज्य के विकास के लिए उनके सुझावों को ध्यान से सुना। उनके साथ बातचीत करने वालों में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू, पंजाब के सीएम भगवंत मान, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, नागालैंड के सीएम कोनराड संगमा और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी शामिल थे।

























