अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर लगातार चर्चा हो रही है। इस रिपोर्ट में विमान दुर्घटना के पीछे ईंधन कटौती की संभावना जताई गई है, जिससे पायलट यूनियन नाराज़ है। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA-India) ने विमान दुर्घटना जाँच दल में शामिल करने की माँग की है।
इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) ने पायलट द्वारा विमान का ईंधन काटने की बात की कड़ी निंदा की है। ICPA का कहना है कि जाँच पूरी किए बिना पायलट पर इस तरह आरोप लगाना ठीक नहीं है। पायलट की आत्महत्या का यह आरोप पूरी तरह से निराधार है।
ICPA ने किया विरोध
ICPA के अनुसार, दुर्घटना के बाद मीडिया और आम जनता में जिस तरह की चर्चा हो रही है, उससे हम बेहद दुखी हैं। पायलट द्वारा आत्महत्या का यह आरोप बकवास और निराधार है। इस तरह के दावों का कोई आधार नहीं है। प्रारंभिक जाँच और अधूरे आँकड़ों के आधार पर इस तरह के आरोप लगाना न केवल एक गैर-ज़िम्मेदाराना कृत्य है, बल्कि उनके परिवार के प्रति असंवेदनशीलता भी दर्शाता है।
एएलपीए-इंडिया ने जाँच में शामिल करने की माँग की
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएलपीए-इंडिया) ने विमान दुर्घटना की जाँच में शामिल करने की माँग की है। एएलपीए-इंडिया 800 एयरलाइनों और हेलीकॉप्टर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही, यह संगठन इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (आईएफएएलपीए) से भी जुड़ा है। इसके साथ ही, दुनिया के 100 देशों के 1 लाख पायलट आईएफएएलपीए के सदस्य हैं।
एएआईबी रिपोर्ट पर उठे सवाल
एएलपीए-इंडिया के अध्यक्ष सैम थॉमस ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, “एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट वेबसाइट पर डाल दी गई थी। उस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं थे। हम पारदर्शिता चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जाँच दल में हमारे प्रतिनिधि को शामिल किया जाए।”
सैम थॉमन के अनुसार, हम जाँच की गोपनीयता से स्तब्ध हैं। हमें लगता है कि जाँच में विमान दुर्घटना के लिए पायलटों को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं।

























