मिसरी ने कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई स्रोतों से तेल आयात करता है। जितने ज्यादा स्रोत होंगे। उतनी ही ज्यादा सुरक्षा होगी। यही सोच भारत को वैश्विक बाजार में स्थिर बनाती है। किसी एक देश पर निर्भरता जोखिम बढ़ाती है। इसलिए विविधता जरूरी है। यही कारण है कि भारत लगातार स्रोत बदलता रहता है। यह सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया है।
अमेरिका की शर्तों पर क्या जवाब?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से रूस से तेल खरीद बंद करने की बात कही थी। इसके बदले टैरिफ राहत की शर्त रखी गई। इस पर मिसरी ने कहा कि भारत सभी फैसले अपने हित में करता है। व्यापार समझौते अलग प्रक्रिया हैं। ऊर्जा खरीद व्यावसायिक निर्णय होते हैं। इन्हें राजनीतिक दबाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। भारत अपनी जरूरत देखता है। कोई और नहीं।
रूस से आयात क्यों घटा?
विदेश सचिव ने बताया कि हाल के महीनों में रूस से तेल आयात 25 प्रतिशत से नीचे आ गया है। यह बाजार स्थितियों के कारण हुआ है। मांग और कीमत के हिसाब से स्रोत बदलते हैं। दिसंबर 2025 में रूसी तेल आयात कई महीनों के निचले स्तर पर रहा। यह कोई अचानक फैसला नहीं था। बल्कि धीरे-धीरे हुआ बदलाव है। इसमें कोई राजनीतिक संकेत नहीं है।
अमेरिका से आयात क्यों बढ़ा?
मिसरी ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा आयात में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका कारण प्रतिस्पर्धी कीमतें और विश्वसनीय आपूर्ति है। भारत हमेशा बेहतर विकल्प चुनता है। जहां आपूर्ति सुरक्षित हो। कीमतें उचित हों। जोखिम कम हो। वहीं से खरीद होती है। यही व्यापारिक समझदारी है। इसे किसी एक देश के पक्ष में झुकाव कहना गलत है।
यूक्रेन युद्ध के बाद क्या बदला?
2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में उथल-पुथल हुई। पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस ने रियायती तेल दिया। भारत ने उस समय खरीद बढ़ाई। इसका मकसद घरेलू बाजार को स्थिर रखना था। भारत ने तब भी कहा था कि यह वैश्विक स्थिरता के लिए है। कोई राजनीतिक समर्थन नहीं। हालात बदलते ही खरीद पैटर्न भी बदला।
विपक्ष क्यों सवाल उठा रहा?
इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर हमला कर रहा है। इसे विदेश नीति की कमजोरी बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा नीति साफ और पारदर्शी है। विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय अपनी भूमिका निभा रहे हैं। भारत की 85 प्रतिशत ऊर्जा आयातित है। इसलिए कीमतें नियंत्रित रखना जरूरी है। यही सरकार की प्राथमिकता है। उपभोक्ता हित सबसे ऊपर हैं।























