कैल्शियम को हड्डियों के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व माना जाता है।बचपन से ही दूध पीने की सलाह दी जाती है।बुजुर्गों को भी रोज दूध पीने को कहा जाता है।ऐसा माना जाता है कि दूध से ही कैल्शियम मिलता है।लेकिन हर कोई दूध नहीं पी पाता।कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस होता है।कुछ को पाचन की समस्या रहती है।ऐसे लोगों के लिए विकल्प जरूरी है।
अगर दूध नहीं पी सकते तो क्या करें?
अगर आप दूध नहीं पी पाते तो घबराने की जरूरत नहीं है।न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि कैल्शियम सिर्फ डेयरी प्रोडक्ट्स में नहीं होता।कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां भी कैल्शियम से भरपूर होती हैं।इनका सही तरीके से सेवन किया जाए तो शरीर को भरपूर पोषण मिलता है।जूस या सूप के रूप में इन्हें आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
कौन सा पत्ता देता है ज्यादा कैल्शियम?
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक पुदीना और धनिया पत्ती कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत हैं।इन दोनों का जूस मिलाकर पीना फायदेमंद माना जाता है।एक गिलास पुदीना-धनिया जूस दूध की तुलना में ज्यादा कैल्शियम दे सकता है।इसका सेवन रोज किया जा सकता है।यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
इस जूस में और क्या पोषक तत्व होते हैं?
पुदीना और धनिया पत्ती के जूस में सिर्फ कैल्शियम ही नहीं होता।इसमें विटामिन K और विटामिन C भी पाया जाता है।आयरन और फॉस्फोरस भी अच्छी मात्रा में होते हैं।ये तत्व हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।मसल्स की मजबूती में मदद करते हैं।इम्यूनिटी को भी सपोर्ट करते हैं।
सहजन की फली क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
कैल्शियम के लिए सहजन की फली को भी बेहद लाभकारी माना जाता है।एक्सपर्ट्स के अनुसार यह हड्डियों की सेहत के लिए अच्छी होती है।जिन लोगों की बोन डेंसिटी कम होती है उन्हें इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।सहजन की फली का सूप या जूस आसानी से बनाया जा सकता है।यह प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है।
हड्डियों पर सहजन का क्या असर पड़ता है?
अगर रोज 2 सहजन की फलियां खाई जाएं तो हड्डियों को फायदा मिल सकता है।इससे बोन डेंसिटी बेहतर हो सकती है।ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 3 से 4 महीने तक नियमित सेवन से असर दिख सकता है।यह उपाय बुजुर्गों के लिए खास तौर पर उपयोगी माना जाता है।
डाइट में शामिल करते समय क्या रखें ध्यान?
पुदीना-धनिया जूस ताजा बनाकर पीना बेहतर होता है।ज्यादा मात्रा में नमक या चीनी न डालें।अगर कोई गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह लें।सहजन की फली भी सीमित मात्रा में लें।संतुलित डाइट और हल्की एक्सरसाइज के साथ इसका असर ज्यादा बेहतर हो सकता है।हड्डियों की सेहत के लिए नियमितता जरूरी है।

























