सर्दियों के मौसम में बाजार में लाल गाजर दिखाई देने लगती हैं और लोग गाजर का हलवा बड़े चाव से बनाते हैं। इसकी खुशबू और गर्माहट ठंड में खास अनुभव देती है। कई लोग सर्दियों का इंतजार सिर्फ इस मिठाई के लिए करते हैं। हलवा बनाना आसान लगता है, लेकिन सही स्टेप्स का ध्यान न रखने पर स्वाद फीका पड़ सकता है। घरेलू कुकिंग में सबसे ज्यादा गलती दूध और चीनी डालने के समय में होती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि यह सामग्री कब डाली जाए।
दूध कब डालना ठीक रहता?
गाजर का हलवा बनाते समय सबसे पहले कद्दूकस की हुई गाजर को कड़ाही में घी डालकर अच्छी तरह भूनना चाहिए। जब तक गाजर का पानी सूख न जाए और उसकी कच्ची महक खत्म न हो, तब तक भूनते रहना जरूरी है। जैसे ही गाजर हल्की नरम होकर खुशबू छोड़ने लगे, तभी दूध डालें। अगर आप शुरुआत में दूध डाल देंगे तो हलवा मलाईदार नहीं बनता। सही समय पर दूध डालने से हलवा गाढ़ा और स्वाद में बेहतर होता है। यह तरीका मिठाई की बनावट सुधारता है।
चीनी कब डालना सही रहेगा?
गाजर के हलवे में चीनी का रोल जितना अहम है उतना संवेदनशील भी। इसे हमेशा आखिरी चरण में डालना चाहिए जब गाजर दूध में पूरी तरह भुन जाए और उसका रंग और खुशबू निकल आए। अगर चीनी जल्दी डाल दी जाए तो हलवा चिपचिपा हो सकता है और गाजर ठीक से नहीं पकती। कई बार स्वाद कच्चा रह जाता है। चीनी अंत में मिलाने से हलवा संतुलित और स्वादिष्ट बनता है। हलवा बनाते समय चीनी डालते ही गैस धीमी कर दें।
क्या पानी का इस्तेमाल किया जाए?
हलवा बनाते समय पानी डालने की जरूरत नहीं होती क्योंकि गाजर में पहले से नमी रहती है। यदि आप स्वाद बढ़ाना चाहते हैं तो दूध में ही पकाएं क्योंकि इससे मिठास और गाढ़ापन आता है। कुछ लोग समय बचाने के लिए पानी डालते हैं, लेकिन इससे स्वाद हल्का हो सकता है। दूध में भूनने पर हलवा ज्यादा मलाईदार बनता है। खासकर सर्दियों में दूध आधारित हलवा ही अधिक लोकप्रिय होता है। यह विधि मिठाई को रिच बनाती है।
क्या मावा डालना ज़रूरी होता?
अच्छे स्वाद के लिए हलवे में अंत में थोड़ा मावा मिलाया जा सकता है। यह हलवे की बनावट को बेहतर करता है और मिठाई को होटल जैसा स्वाद देता है। मावा दूध के बाद डालें जब गाजर पूरी तरह भुन चुकी हो। मावा डालकर 2-3 मिनट और पकाएं ताकि स्वाद मिश्रित हो जाए। चाहें तो कंडेंस्ड मिल्क भी उपयोग किया जा सकता है। इससे हलवा हल्का मीठा और क्रीमी बनता है। मावा डालते समय ज्यादा मात्रा रखने से बचें।
मेवे कब मिलाने चाहिए?
गाजर का हलवा बनने के लगभग अंत में भुने हुए मेवे डालें। मेवे पहले घी में हल्का भून लें और फिर मिश्रण में मिलाएं। अगर आप शुरुआत में डालेंगे तो मेवे नरम होकर अपना क्रंच खो देंगे। बाद में डालने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर रहते हैं। काजू, बादाम और किशमिश का इस्तेमाल हलवे को विशेष बनाता है। अंत में मेवे डालकर कुछ मिनट पकाएं और गरमागरम परोसें।
क्या अंतिम चरण महत्वपूर्ण है?
हलवा तैयार करते समय अंतिम चरण सबसे निर्णायक होता है। गैस धीमी कर गाजर, दूध, चीनी और मावा को अच्छी तरह उठाएं ताकि कोई हिस्सा कच्चा न रहे। सही मिश्रण बनते ही गैस बंद कर दें। हलवा सूखा नहीं बल्कि हल्का नरम होना चाहिए। स्वाद जांचकर तुरंत परोसें। यह तरीका घर में बने हलवे को रेस्टोरेंट जैसा बनाता है और सब इसे खुशी से खाते हैं।

























