क्रिसमस आने से पहले लोग कई तरह की तैयारियां शुरू कर देते हैं, लेकिन रम केक की तैयारी सबसे पहले की जाती है। इस केक का स्वाद बाकी केक से बिल्कुल अलग होता है क्योंकि इसमें रम और कई तरह के ड्राई फ्रूट डाले जाते हैं। इन ड्राई फ्रूट्स को रम में भिगोकर रखना बहुत जरूरी होता है। जितना ज्यादा समय ये मेवे रम सोखते हैं, उतना ही केक का स्वाद बढ़ता है। यही वजह है कि लोग एक महीने पहले ही मेवे काटकर तैयार कर लेते हैं। यह तरीका पुरानी परंपरा का हिस्सा माना जाता है और स्वाद को और गहरा बनाता है।
2️⃣ क्या सूखे मेवे रम केक का सबसे बड़ा राज़ हैं?
रम केक में सबसे खास भूमिका ड्राई फ्रूट्स की होती है। आप काली किशमिश, पीली किशमिश, क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, खुबानी, खजूर और टूटी-फ्रूटी ले सकते हैं। इनका स्वाद केक को रिच बनाता है। बादाम, अखरोट और कुछ नट्स भी इसमें डालकर स्वाद को और बढ़ाया जा सकता है। इन सभी मेवों को काटकर रम में भिगोने से इनमें एक खास खुशबू बस जाती है। यही खुशबू केक को खास बनाती है। यही कारण है कि क्रिसमस से पहले ही यह सारी तैयारी करना जरूरी होता है। जितनी जल्दी मेवे रम सोखेंगे, उतना बेहतर स्वाद मिलेगा।
3️⃣ क्या ड्राई फ्रूट्स भिगोने के लिए कोई खास जार चाहिए?
रम में ड्राई फ्रूट्स भिगोते समय बर्तन का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। धातु के बर्तन में रम को नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह रिएक्शन कर सकता है। हमेशा कांच का एयरटाइट जार इस्तेमाल करना चाहिए। यह जार मेवों को सुरक्षित रखता है और रम का स्वाद खराब नहीं होने देता। जार को एक महीने तक बंद रखना होता है ताकि मेवे पूरी तरह रम को सोख लें। यह तरीका बरसों से अपनाया जा रहा है और इसे सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस जार को रोज खोलने की जरूरत भी नहीं होती और मेवे आराम से तैयार होते रहते हैं।
4️⃣ क्या मसाले रम केक को और खास बनाते हैं?
रम केक सिर्फ मेवों से नहीं बनता बल्कि खास मसालों से भी इसका स्वाद गहरा होता है। इसमें लौंग, दालचीनी, जायफल और सूखी अदरक का इस्तेमाल किया जाता है। इन मसालों को अलग-अलग पीसकर पहले से तैयार रखना अच्छा होता है। मसाले ज्यादा मात्रा में नहीं डाले जाते। मुश्किल से आधा चम्मच-आधा चम्मच काफी होता है। लेकिन इन्हें पहले से पीसकर एयरटाइट डिब्बे में रखने से केक बनाते समय आसानी होती है। घर में पीसे मसाले ज्यादा सुगंध देते हैं और इस केक की पहचान भी यही खास खुशबू है।
5️⃣ क्या रम केक की परंपरा का कोई इतिहास भी है?
रम केक सिर्फ एक मीठा पकवान नहीं है बल्कि एक पुरानी परंपरा भी है। इसकी शुरुआत ब्रिटेन में मानी जाती है जहां सर्दियों में इसे खास तौर पर बनाया जाता था। इसका कारण यह था कि रम ठंड में शरीर को गर्म रखती है। ड्राई फ्रूट्स भी सर्दियों में ताकत देते हैं। इस वजह से यह केक लंबे समय तक खराब नहीं होता। क्रिसमस के दौरान इसे खास रूप से बनाया जाता है। यह परंपरा धीरे-धीरे दुनिया भर में फैल गई और लोग इसे आज भी उसी प्यार से बनाते हैं जैसे पुराने समय में बनाया जाता था।
6️⃣ क्या इस तैयारी के बिना रम केक का असली स्वाद नहीं मिलता?
ज्यादातर लोग कहते हैं कि रम केक की असली पहचान उसका गहरा स्वाद है। यह स्वाद तभी आता है जब मेवे पूरे समय रम में भीगे रहें। अगर आपने ड्राई फ्रूट्स को सिर्फ दो-तीन दिन पहले भिगोया तो उतनी सुगंध नहीं मिलेगी। मसालों की खुशबू भी पहले से तैयार करने पर ही अच्छी रहती है। इसलिए बिना तैयारी के यह केक उतना स्वादिष्ट नहीं बनता। जो लोग पहली बार यह केक बनाना चाहते हैं, उन्हें कम से कम एक महीना पहले मेवे रम में डालने की सलाह दी जाती है। इससे केक का टेस्ट बिल्कुल प्रोफेशनल जैसा आता है।
7️⃣ क्या अभी से की गई तैयारी क्रिसमस को और खास बना सकती है?
अगर आप चाहते हैं कि इस बार क्रिसमस पर आपका रम केक सबकी तारीफ पाए तो अभी से तैयारी शुरू करना सबसे अच्छा तरीका है। मेवे काटकर रम में डाल दें। मसाले पीसकर डिब्बे में रख दें। कांच का जार तैयार रखें और उसे एक महीने तक खुला न करें। जब क्रिसमस आएगा, आपका केक तैयार होने के लिए पूरी तरह सेट होगा। इस तैयारी से आपका केक न सिर्फ रिच बनेगा बल्कि उसकी खुशबू भी बेहद खास होगी। यही वजह है कि लोग रम केक को क्रिसमस की आत्मा भी कहते हैं। स्वाद, खुशबू और प्यार—तीनों इसमें मिल जाते हैं।

























