जब हम सोते हैं तब भी शरीर पूरी तरह बंद नहीं होता।दिल धड़कता रहता और सांस चलती रहती है।दिमाग भी अंदरूनी प्रक्रियाएं करता रहता है।कोशिकाओं की मरम्मत और हार्मोन संतुलन होता है।इन सभी कामों के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है।इस कारण नींद में भी कैलोरी बर्न होती है।यह सच्चाई कई लोगों को चौंका सकती है।
कितनी कैलोरी रात में बर्न हो सकती?
एक सामान्य वयस्क व्यक्ति आठ घंटे की नींद में कैलोरी खर्च करता है।यह मात्रा लगभग 350 से 400 तक हो सकती है।हर व्यक्ति के लिए यह संख्या अलग होती है।जिनका मेटाबॉलिज्म तेज होता वे ज्यादा बर्न कर सकते हैं।कुछ लोग 450 कैलोरी तक भी खर्च कर लेते हैं।यह शरीर की बनावट पर निर्भर करता है।नींद भी ऊर्जा खर्च करने का हिस्सा है।
कौन-कौन सी बातें कैलोरी बर्न प्रभावित करती?
कैलोरी बर्न कई कारकों पर निर्भर करती है।शरीर का वजन और मसल मास अहम होते हैं।मेटाबॉलिज्म की गति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।नींद की गुणवत्ता भी असर डालती है।दिनभर की गतिविधि से भी फर्क पड़ता है।यदि शरीर फिट है तो आराम में भी ऊर्जा खर्च होती है।इसलिए जीवनशैली का सीधा प्रभाव पड़ता है।
नींद में कैलोरी बर्न कैसे बढ़ाई जाए?
हल्का और संतुलित भोजन रात के लिए बेहतर माना जाता है।नियमित व्यायाम मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल मास बढ़ता है।इससे आराम के समय भी कैलोरी बर्न होती है।सोने से पहले भारी भोजन से बचना चाहिए।हल्का डिनर शरीर के लिए फायदेमंद होता है।ये आदतें वजन नियंत्रण में मदद करती हैं।
कैफीन और स्क्रीन क्यों बिगाड़ती नींद?
सोने से पहले चाय या कॉफी नींद को प्रभावित कर सकती है।कैफीन शरीर को जाग्रत रखती है।मोबाइल और टीवी की रोशनी भी नींद की लय बिगाड़ती है।इससे नींद की गुणवत्ता कम हो जाती है।यदि नींद सही न हो तो कैलोरी बर्न घटती है।इसलिए सोने से पहले स्क्रीन कम इस्तेमाल करें।अच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
क्या नींद के दौरान फैट भी बर्न होता?
नींद के दौरान शरीर ऊर्जा के अलग-अलग स्रोत उपयोग करता है।कभी फैट भी ऊर्जा का स्रोत बनता है।कभी कार्बोहाइड्रेट का उपयोग होता है।यह दिनभर के भोजन और गतिविधि पर निर्भर करता है।यदि डाइट संतुलित हो तो फैट बर्न बेहतर होती है।मसल मास भी इसमें मदद करता है।इससे वजन नियंत्रण आसान होता है।
क्या केवल नींद से वजन घट सकता?
नींद स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है लेकिन अकेली पर्याप्त नहीं।वजन घटाने के लिए सक्रिय जीवनशैली जरूरी है।सही डाइट और व्यायाम भी जरूरी होते हैं।नींद शरीर की मरम्मत का समय होती है।यह हार्मोन संतुलन बनाए रखती है।अच्छी नींद से स्वास्थ्य मजबूत होता है।इसलिए संतुलित जीवनशैली सबसे बेहतर उपाय है।

























