जैसे ही सर्दी बढ़ती है, शरीर की ज़रूरतें भी बदल जाती हैं। ठंड में ऊर्जा ज्यादा खर्च होती है। शरीर को अंदर से गर्म रखने की जरूरत पड़ती है। अगर खाना हल्का और ठंडा रहा तो कमजोरी महसूस होती है। इसलिए देसी और पारंपरिक चीज़ें अहम हो जाती हैं। दूध, मेवे और घी सर्दियों के पुराने साथी हैं। इन्हीं से बनी ड्रिंक शरीर को सहारा देती है।
पंजाबी दूधी आखिर है क्या?
पंजाबी दूधी, जिसे दूधड़ी भी कहा जाता है, पंजाब की पुरानी पारंपरिक ड्रिंक है। यह गर्म दूध से बनाई जाती है। इसमें ड्राई फ्रूट्स, बीज और हल्के मसाले मिलते हैं। मान्यता है कि यह शरीर को अंदर से गर्म रखती है। सर्दियों में पहलवानों तक को यह दी जाती थी। यह स्वाद और ताकत दोनों का मेल है।
शेफ कुणाल कपूर ने क्यों बताई ये रेसिपी?
मशहूर शेफ कुणाल कपूर ने इसे अपनी बचपन की यादों से जोड़ा। उन्होंने बताया कि हर सर्दी उनके घर में दूधड़ी बनती थी। उनका कहना है कि यह ड्रिंक सिर्फ स्वाद नहीं देती। यह शरीर को गहरी ताकत देती है। ठंड के मौसम में यह एक भरोसेमंद देसी उपाय है।
दूधड़ी बनाने की तैयारी कैसे करें?
सबसे पहले कसकस, काजू, बादाम और खरबूजे के बीज लें। इन्हें लगभग एक घंटे तक पानी में भिगो दें। इसके बाद मखानों के साथ इन्हें दूध में पीस लें। मिश्रण को चाहें तो थोड़ा दरदरा रखें। या फिर पूरी तरह स्मूद बना लें। यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।
भूनने का तरीका क्यों अहम है?
एक पैन में एक से दो चम्मच घी गर्म करें। तैयार पेस्ट को धीमी आंच पर भूनें। जब रंग हल्का भूरा हो जाए तब उतार लें। अच्छी तरह भुनने से स्वाद निखरता है। भूनने के बाद मिश्रण को ठंडा करें। इसे फ्रिज में एक महीने तक रखा जा सकता है। यह सर्दियों के लिए तैयार स्टॉक है।
ड्रिंक कैसे तैयार होगी?
दूध को उबालें। उसमें तैयार दूधी का मिश्रण डालें। स्वाद के लिए इलायची पाउडर और थोड़ी चीनी मिलाएं। एक उबाल आने दें। बस आपकी गर्मागर्म पंजाबी दूधी तैयार है। रात को सोने से पहले या सुबह पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ किरण गुप्ता के अनुसार यह ड्रिंक इम्यूनिटी बढ़ाती है। कमजोरी दूर करती है। शरीर को ऊर्जा देती है। लेकिन इसमें फैट और कैलोरी ज्यादा होती है। इसलिए सीमित मात्रा में ही लें। सेहत संतुलन से चलती है। यही इस देसी ड्रिंक का असली मंत्र है।

























