लाइफ स्टाइल न्यूज. ठंड के मौसम में शरीर की गतिविधि कम हो जाती है। लोग घरों में ज्यादा समय बिताते हैं। इससे शरीर की कैलोरी खपत कम होती है। साथ ही ठंड की वजह से तनाव बढ़ जाता है। तनाव हार्मोन ब्लड शुगर को बढ़ा देते हैं। इसी कारण सर्दियों में डायबिटीज मरीजों का शुगर लेवल तेजी से ऊपर जा सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए मरीजों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
बढ़ी हुई शुगर के क्या-क्या लक्षण दिखते हैं?
जब सर्दियों में शुगर तेजी से बढ़ती है तो शरीर तुरंत संकेत देता है। मरीजों को लगातार थकान महसूस हो सकती है। बार-बार पानी पीने की इच्छा बढ़ सकती है। पेशाब की मात्रा भी बढ़ जाती है। कई लोग धुंधला दिखने की शिकायत करते हैं। सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्या भी हो सकती है। अगर सर्दी या फ्लू जैसी बीमारी हो जाए, तो स्थिति और कठिन हो सकती है। संक्रमण शरीर में तनाव बढ़ाकर शुगर को और ऊपर कर देता है।
ब्लड शुगर की जांच क्यों जरूरी है?
आरएमएल अस्पताल के डॉ. सुभाष गिरी कहते हैं कि सर्दियों में नियमित जांच बेहद जरूरी है। तापमान में गिरावट का सीधा असर शरीर पर होता है। इस दौरान शुगर लेवल अचानक ऊपर या नीचे जा सकता है। अगर मरीज समय पर जांच नहीं करेंगे तो बदलाव पकड़ में नहीं आएगा। इससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ने या गिरने की स्थिति बन सकती है। नियमित जांच से मरीज अपनी स्थिति को बेहतर समझ सकते हैं। डॉक्टर भी सही दवा तय कर सकते हैं।
घर के अंदर कौन-सी एक्सरसाइज करें?
ठंड में बाहर जाना मुश्किल होता है। ऐसे में घर के अंदर हल्की गतिविधि करना जरूरी है। योग शरीर को गर्म रखता है और शुगर भी नियंत्रित करता है। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज मांसपेशियों को लचीला बनाती है। घर में हल्की वॉक या सीढ़ियों का उपयोग अच्छा विकल्प है। दिन में कम से कम 20–30 मिनट सक्रिय रहना जरूरी है। इससे शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। डॉक्टर कहते हैं कि सर्दियों में गतिविधि कम करना सबसे बड़ा खतरा है।
डाइट में क्या बदलाव जरूरी हैं?
सर्दियों में भूख बढ़ जाती है। कई लोग तली-भुनी और मीठी चीजें ज्यादा खा लेते हैं। इससे शुगर लेवल जल्दी बढ़ सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ानी चाहिए। हरी सब्ज़ियां और हाई-फाइबर डाइट शरीर को संतुलित रखती हैं। सफेद चावल, मिठाई और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीना लाभदायक होता है। छोटी-छोटी लेकिन नियमित मील खाने से शुगर कंट्रोल में रहती है।
तनाव और नींद का शुगर पर क्या असर पड़ता है?
सर्दियों में कई लोगों की नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है। देर से सोना और देर से उठना शुगर लेवल बढ़ा सकता है। तनाव भी बड़ा कारण है। तनाव हार्मोन शरीर में शुगर बढ़ाते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि मेडिटेशन किया जाए। गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव कम करती है। अच्छी नींद लेने से शरीर सामान्य रूप से काम करता है। नियमित रूटीन बनाए रखना डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद जरूरी है।
दवाओं और संक्रमण से कैसे बचें?
अगर मरीज इंसुलिन या शुगर कंट्रोल की दवाएं लेते हैं, तो सर्दियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। तापमान बदलने पर दवा की डोज़ में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। इस मौसम में सर्दी-जुकाम का खतरा भी बढ़ जाता है। संक्रमण शरीर में तनाव बढ़ाकर शुगर को और ऊपर कर देता है। इसलिए स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए। हाथों को साफ रखना, गर्म कपड़े पहनना और जरूरत पड़ने पर वैक्सीन लेना जरूरी है। यह कदम शुगर को स्थिर रखने में मदद करते हैं।

























