दिल्ली में वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस मिथक को तोड़ दिया है कि सरकारी नौकरी में स्वस्थ रहना मुश्किल है। अशोक कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत से साबित कर दिया कि अनुशासन और समर्पण से सब कुछ संभव है। उनकी इस सफलता ने पूरे देश का ध्यान खींचा। अपने कार्यालय के काम के बावजूद, वे प्रतिदिन अभ्यास करते रहे। यह सफलता अचानक नहीं मिली, बल्कि निरंतर मेहनत का परिणाम है। यह कहानी हर युवा के लिए एक सीख है।
यह प्रतियोगिता कहाँ और कैसे आयोजित हुई?
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं खेल बोर्ड द्वारा आयोजित की गई थी। कार्यक्रम 25 और 26 दिसंबर 2025 को सीएसओटी में आयोजित किया गया था। देश के विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से चयनित प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया। सभी प्रतिभागी अपनी-अपनी तैयारी के साथ आए थे। प्रतियोगिता काफी कठिन थी। निर्णायक मंडल ने हर पहलू से मूल्यांकन किया। वातावरण पूरी तरह से पेशेवर था।
जजों ने किन मापदंडों पर विचार किया?
प्रतियोगिता के दौरान सिर्फ शरीर ही नहीं देखा गया। फिटनेस, शारीरिक बनावट और प्रस्तुति सब कुछ बेमिसाल था। हर प्रतियोगी की बारीकी से जांच की गई। अशोक कुमार ने संतुलित शरीर का प्रदर्शन किया। उनका आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। जजों को उनका प्रदर्शन बहुत पसंद आया। नतीजा सबके सामने था।
आपको स्वर्ण पदक कब मिला?
परिणाम 26 दिसंबर 2025 को घोषित किए गए। पहला स्थान अशोक कुमार के नाम रहा। उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह क्षण उनके लिए अविस्मरणीय था। महीनों की मेहनत रंग लाई। यह मंत्रालय के लिए भी गर्व का क्षण था।
इस गहन प्रशिक्षण के पीछे की कहानी क्या है?
अशोक कुमार की सफलता के पीछे एक सख्त दिनचर्या है। सुबह का अभ्यास। पूरी ईमानदारी से कार्यालय के कर्तव्यों का पालन। खान-पान में संयम। आराम का भी पूरा ध्यान रखना। कभी कोई बहाना नहीं बनाया। समय की कमी होने पर भी उन्होंने व्यायाम करना नहीं छोड़ा। इसी लगन ने उन्हें आगे बढ़ाया।
इस जीत से दूसरों को क्या संदेश मिलता है?
यह जीत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है। यह सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है। यह दर्शाता है कि सरकारी कर्तव्य और स्वास्थ्य साथ-साथ चल सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। बस दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है। हर कर्मचारी इससे सीख ले सकता है। यह सोच बदलने वाली खबर है।
मंत्रालय के लिए यह कितनी बड़ी उपलब्धि है?
यह जीत वित्त मंत्रालय के लिए गर्व का विषय है। अधिकारी की इस सफलता से मंत्रालय का नाम रोशन हुआ है। इससे साबित होता है कि सरकारी दफ्तरों में भी प्रतिभा मौजूद है। खेल और फिटनेस को बढ़ावा मिला है। युवा कर्मचारियों को नई प्रेरणा मिली है। यह उपलब्धि लंबे समय तक याद रहेगी। यह कहानी एक मिसाल बनेगी।

























