पाकिस्तान क्रिकेट में एक नया विवाद सामने आया है। चर्चा दो बड़े खिलाड़ियों को लेकर है। रिपोर्ट के मुताबिक Babar Azam और Fakhar Zaman टी20 विश्व कप टीम में चुने जाते समय पूरी तरह फिट नहीं थे। दोनों खिलाड़ी टीम के अहम बल्लेबाज माने जाते हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि फिटनेस के बावजूद उन्हें टीम में कैसे जगह मिल गई। यह मामला सामने आने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल बढ़ गई है। बोर्ड ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्यों शुरू हुई जांच?
इस मामले की जांच का आदेश Pakistan Cricket Board ने दिया है। बोर्ड को खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट पर संदेह हुआ। वरिष्ठ चयनकर्ता Aaqib Javed ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कुछ सवाल हैं। इसी बयान के बाद बोर्ड ने मामले की समीक्षा करने का फैसला किया। अब मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेज दोबारा जांचे जा रहे हैं।
मेडिकल जांच में क्या निकला?
विश्व कप के बाद खिलाड़ियों की फिर से मेडिकल जांच कराई गई। यह जांच ब्रिटेन के स्पोर्ट्स फिजियो विशेषज्ञ Dr Javed Mughal ने की। वह हाल ही में पीसीबी के मेडिकल पैनल में शामिल हुए हैं। जांच के दौरान उन्होंने कुछ गंभीर बातें सामने रखीं। सूत्रों के मुताबिक दोनों खिलाड़ियों की चोट पहले बताई गई चोट से ज्यादा गंभीर निकली। इससे सवाल खड़े हो गए कि क्या उन्हें टूर्नामेंट में खेलना चाहिए था।
चोट का मामला कैसे खुला?
यह मामला तब सामने आया जब विश्व कप खत्म होने के बाद खिलाड़ियों ने घरेलू टूर्नामेंट से दूरी बना ली। Babar Azam ने राष्ट्रीय टी20 चैंपियनशिप में खेलने से मना कर दिया। उन्होंने पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की बात कही। वहीं Fakhar Zaman भी लंबे समय से चोट से जूझ रहे थे। जब डॉक्टरों ने दोबारा जांच की तो चोट पहले से ज्यादा गंभीर पाई गई। इससे पुरानी फिटनेस रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे।
क्या फिजियो ने दी थी मंजूरी?
सूत्रों के अनुसार चयन समिति ने टीम के फिजियो Cliff Deacon से अनुमति मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को चुना था। यानी मेडिकल क्लियरेंस मिलने के बाद ही टीम में जगह दी गई। हालांकि अब आरोप लग रहे हैं कि पहले भी कई बार छोटी चोटों को नजरअंदाज किया गया। कुछ आलोचकों का कहना है कि खिलाड़ियों और मेडिकल स्टाफ के बीच करीबी संबंध भी फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
चयन प्रणाली पर क्यों बहस?
इस विवाद के बाद पाकिस्तान की चयन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सीमित ओवरों के मुख्य कोच Mike Hesson को टीम चयन में काफी अधिकार दिए गए हैं। कुछ चयनकर्ताओं का मानना है कि इस व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए। वरिष्ठ चयनकर्ता Misbah-ul-Haq और Sarfraz Ahmed ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की है। लाहौर में हुई मीडिया बैठक में इस पर खुलकर बात हुई।
अब आगे क्या करेगा बोर्ड?
Pakistan Cricket Board अब टीम चयन की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने की तैयारी में है। चयनकर्ता चाहते हैं कि कोच और कप्तान के साथ बैठकर नई प्रणाली तय की जाए। लक्ष्य यह है कि भविष्य में ऐसे विवाद न हों। फिलहाल ध्यान मेडिकल जांच और रिपोर्ट पर है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि गलती कहां हुई। बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।

























