Business News: दुनिया के किसी भी कोने में जब युद्ध छिड़ता है, तो सबसे अधिक कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। फिलिस्तीन के गाजा पट्टी में महीनों से चल रहे संघर्ष ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। न सिर्फ बम गिर रहे हैं, बल्कि भूख, प्यास और बीमारी से जूझते लोग भी मर रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसने सभी को हिला दिया है। इसमें बताया गया है कि भारत में 5 रुपये में मिलने वाला पारले-जी बिस्किट गाजा में 2300 रुपये यानी लगभग 25 अमेरिकी डॉलर में बिक रहा है। एक तस्वीर में बिस्किट के छोटे पैकेट पर हाथ से लिखा है—“2300 INR”—जो इस त्रासदी का मूक गवाह बन गई है।
भूख मिटाने के लिए चुकाई जा रही युद्ध की कीमत
गाजा में चल रहे युद्ध ने न केवल इमारतें गिराईं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की बुनियादी ज़रूरतों को भी तबाह कर दिया। भोजन, पानी और दवा जैसी मूलभूत चीज़ें भी अब लग्ज़री बन चुकी हैं। सीमाएं सील हैं, बाजार बंद हैं, और बची-खुची चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। गाजा में चल रही लड़ाई ने सप्लाई चेन को बुरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। इंटरनेशनल एजेंसियां भले ही मदद भेजने की कोशिश कर रही हों, लेकिन सीमा पार करना आसान नहीं। ऐसे में खाने-पीने की चीजें गिनी-चुनी ही पहुंच पा रही हैं, और जो पहुंच रही हैं, उनकी कीमत गरीबों की पहुंच से बाहर हो चुकी है।
भावनात्मक प्रतीक बना पारले-जी
भारत में हर बच्चे की पसंद और चाय का साथी माना जाने वाला पारले-जी आज गाजा में मानवीय संकट का प्रतीक बन गया है। यह सिर्फ एक बिस्किट नहीं, बल्कि उस दर्द की कीमत है जो लोग अपनी भूख मिटाने के लिए चुका रहे हैं। इस तस्वीर ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध सिर्फ मिसाइलों, ड्रोन और टैंकों से नहीं लड़ा जाता, बल्कि वह आम आदमी की थाली से भी लड़ा जाता है। जब एक बिस्किट का पैकेट 2300 रुपये में बिके, तो समझिए कि युद्ध का सबसे बड़ा हथियार अब भूख बन चुका है।
एक पोस्ट ने खोल दी युद्ध की असली तस्वीर
वायरल होती इस पोस्ट ने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सिर्फ राजनीतिक हितों की लड़ाई में आम लोगों की जान और ज़रूरतें इतनी सस्ती हो गई हैं? यह तस्वीर एक सवाल है– जो हर इंसान से पूछ रही है– “युद्ध में वाकई कौन जीतता है?”

























