Sports News: टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय टेस्ट टीम यूके पहुंच चुकी है और बेकनहैम काउंटी ग्राउंड को अपना बेस बना चुकी है। यहां शुक्रवार से एक इंट्रा-स्क्वाड मैच भी खेला जाना है, जो इस दौरे की रणनीति का अहम हिस्सा है।
गंभीर ने खुद पिच क्यूरेटर से की बात
भारत के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड की परिस्थितियों में तैयारी के महत्व को समझते हुए बेकनहैम के पिच क्यूरेटर जोश मार्डन से सीधी बात की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि टीम को न तो बहुत फ्लैट और न ही बहुत हरी पिच चाहिए, बल्कि एक ऐसी पिच चाहिए जो मैच जैसी असली चुनौती पेश करे।
“हमें चाहिए रियलिस्टिक कंडीशन्स”
क्यूरेटर मार्डन ने Revsportz से बातचीत में बताया, “गंभीर और कोचिंग स्टाफ ने हमसे कहा कि हमें एक ‘अच्छी पिच’ चाहिए। ऐसी नहीं जो सिर्फ नेट्स जैसी लगे, बल्कि असली मैच जैसी हो, ताकि खिलाड़ी परख सकें कि वो टेस्ट के लिए कितने तैयार हैं। हमने घास की मोटाई, नेट की चौड़ाई और लेंथ को उसी अनुरूप बदला।”
तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बनी चुनौती
इंग्लैंड की परिस्थितियां स्विंग गेंदबाज़ों के लिए जानी जाती हैं और इस बार भी फोकस भारत के पेस अटैक पर रहेगा। जसप्रीत बुमराह इस दौरे में केवल तीन टेस्ट खेलेंगे क्योंकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट किया जा रहा है। ऐसे में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप और उमेश जैसे गेंदबाज़ों पर ज़िम्मेदारी बढ़ गई है।
पिच पर फीडबैक से संतुष्ट कोचिंग स्टाफ
क्यूरेटर ने बताया कि बुमराह जैसे खिलाड़ियों से सीधा संवाद नहीं हुआ, लेकिन कोचिंग स्टाफ की ओर से फीडबैक ज़रूर मिला। उन्होंने कहा, “टीम सिर्फ रन ठोकने वाली पिच नहीं चाहती। वो ऐसी पिच चाहती है जहां अच्छी गेंदबाज़ी का इनाम मिले और गलती पर सज़ा भी। यही हम देने की कोशिश कर रहे हैं।”
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज़ यहीं से
यह सीरीज़ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चक्र की पहली सीरीज़ होगी। भारत एक नए कप्तान के नेतृत्व में शुरुआत करने जा रहा है और सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि यह युवा नेतृत्व इंग्लैंड में कैसी चुनौती पेश करता है।
टीम इंडिया का मकसद साफ है
गौतम गंभीर के नेतृत्व में भारतीय टीम अब सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि युद्ध जैसी तैयारी चाहती है। और इस बार, तैयारी का मैदान कोई घरेलू नेट्स नहीं, बल्कि इंग्लैंड की सर्द हवा और मूडी पिचें होंगी। क्या यह रणनीति भारत को इंग्लैंड में टेस्ट फतह दिला पाएगी? जवाब आने वाले हफ्तों में मिलेगा।























