स्पोर्ट्स न्यूज. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का कहना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक श्रृंखला हार के बाद वह कोई “अतिरंजित प्रतिक्रिया” नहीं दिखाएंगे, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कुछ खिलाड़ियों के साथ “शांत बातचीत” जरूरी है। भारत दूसरे टेस्ट में 113 रनों से हार गया, जबकि उसे 359 रनों का लक्ष्य मिला था। यह पिछले 12 वर्षों में भारत की पहली घरेलू श्रृंखला हार थी। इससे पहले 2012-13 में इंग्लैंड के खिलाफ 1-2 से श्रृंखला गंवाई थी।
इस अवधि में, भारत ने घरेलू मैदान पर लगातार 18 श्रृंखलाएं जीती थीं। रोहित ने मैच के बाद कहा, “आपको ज्यादा प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको कुछ खिलाड़ियों के साथ शांत बातचीत करने की जरूरत है और उन्हें यह बताना होगा कि टीम को उनसे क्या अपेक्षा है।”
टीम की बैठक नहीं होगी: रोहित
हालांकि, रोहित ने यह भी कहा कि वह इस स्थिति को बड़ा मुद्दा नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें उन्हें टीम रूम में बिठाकर व्यक्तिगत रूप से उनके खेल का विश्लेषण करने की जरूरत है। हमें कुछ अलग तरीके से सोचने या करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमने एक श्रृंखला हारी है। लेकिन हमें उन हालातों से उबरने के रास्ते जरूर ढूंढ़ने होंगे।”
रोहित ने अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और कहा कि वह किसी की भी क्षमता पर शक नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को अपनी योजनाओं पर भरोसा होना चाहिए, जैसे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने किया।
सीनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन सवालों में
इस श्रृंखला में कुछ सीनियर खिलाड़ी जैसे विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा ज्यादा प्रभावी नहीं रहे। खुद रोहित शर्मा भी पिछले चार पारियों में केवल 2, 52, 0 और 8 रन ही बना पाए। हालांकि, रोहित का मानना है कि खिलाड़ियों को समर्थन देना आवश्यक है, खासकर तब जब वे अनुभवहीन हों और टीम का हिस्सा बने हों।
“यह वो खेल नहीं है जिसे हम खेलना चाहते हैं, लेकिन जब हम भी पांच-छह टेस्ट मैच खेल रहे थे, तब हमें टीम का समर्थन चाहिए था। यही मैं नए खिलाड़ियों के साथ करूंगा,” रोहित ने कहा।
अश्विन और जडेजा का समर्थन
रोहित ने अश्विन और जडेजा का भी बचाव किया, जिनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए जा रहे थे। उन्होंने कहा, “ये वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने हमें 18 श्रृंखलाएं जिताई हैं, और उनकी योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जीत हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, सिर्फ किसी एक खिलाड़ी पर नहीं। रोहित ने अंत में कहा, “हार होना स्वाभाविक है, लेकिन हमें सकारात्मक चीजों पर ध्यान देना चाहिए।























