ICC Under-19 World Cup के दूसरे सेमीफाइनल में भारत शुरू से अंत तक हावी रहा। दोनों टीमों ने रन बनाए, लेकिन नियंत्रण भारत के पास रहा। बड़े लक्ष्य के बावजूद दबाव नहीं दिखा। बल्लेबाजी आत्मविश्वास से भरी रही। फील्डिंग चुस्त रही। टीमवर्क साफ नजर आया। जीत पूरी तरह हकदार रही।
अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी क्यों चुनी?
टॉस जीतकर अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। बल्लेबाजों ने इसे सही साबित किया। 50 ओवर में 310 रन बने। फैसल शिनोजादा ने तूफानी शतक जड़ा। उजैरुल्लाह नियाजी ने नाबाद शतक बनाया। स्कोर चुनौतीपूर्ण था। भारत के सामने बड़ा लक्ष्य रखा गया। मुकाबला रोमांचक बना।
क्या 311 रन का लक्ष्य वाकई कठिन था?
अंडर-19 में 311 रन बड़ा लक्ष्य माना जाता है। लेकिन भारत ने इसे आसान बना दिया। ओपनरों ने तेज शुरुआत दी। रन रेट नियंत्रण में रहा। गलत शॉट्स से बचाव हुआ। योजना साफ दिखी। दबाव जल्दी कम हुआ। जीत की राह खुलती गई।
ओपनरों की जोड़ी ने कैसी नींव रखी?
Aaron George और Vaibhav Suryavanshi ने पहले विकेट के लिए 90 रन जोड़े। दोनों ने निडर बल्लेबाजी की। वैभव ने 68 रन बनाए। पावरप्ले में बढ़त मिली। लक्ष्य पास आता गया। यह साझेदारी टर्निंग पॉइंट बनी।
कप्तान और शतकवीर कौन रहे?
आरोन जॉर्ज ने 104 गेंदों में 115 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। कप्तान Ayush Mhatre ने 62 रन जोड़े। दोनों के बीच 114 रन की साझेदारी हुई। मैच भारत की ओर झुक गया। शॉट चयन बेहतरीन रहा। दबाव में संयम दिखा। जीत सुनिश्चित हुई।
कितने ओवर में भारत ने लक्ष्य हासिल किया?
भारत ने 41.1 ओवर में लक्ष्य पूरा कर लिया। 7 विकेट शेष रहे। यह बड़े अंतर की जीत थी। बेंच स्ट्रेंथ नजर आई। रणनीति कारगर रही। आत्मविश्वास ऊंचा दिखा। फैंस में उत्साह छा गया।
फाइनल में भारत का सामना किससे होगा?
इस जीत के साथ भारत फाइनल में पहुंच गया। अब 6 फरवरी को इंग्लैंड से खिताबी भिड़ंत होगी। भारतीय बल्लेबाजी फॉर्म में है। टीम संतुलित दिखती है। फाइनल रोमांचक होने की उम्मीद है। खिताब के लिए भारत मजबूत दावेदार है।























