महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम अब ‘करो या मरो’ की स्थिति में फंस गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की करारी हार ने भारत को इस मुश्किल में डाल दिया है. पाकिस्तान पर बड़ी जीत इस समस्या को कम कर सकती थी, लेकिन भारत जरूरी अंतर से मैच खत्म नहीं कर सका. अब भारत का मुकाबला श्रीलंका की महिला टीम से है. कागजों पर यह मैच भारत के लिए आसान लग सकता है लेकिन ऐसा है नहीं. दो महीने पहले एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका ने भारतीय महिला टीम को हराया था.
छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीतना आसान नहीं
अब अगर भारत को महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचना है तो उसे अपने बाकी बचे दोनों ग्रुप मैच जीतने होंगे. वो भी बड़े अंतर से. भारत को ग्रुप ए में अभी श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया से खेलना है. भारतीय प्रशंसक अब भी श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह हासिल करना मुश्किल होगा. जाहिर तौर पर जब भारत का सामना श्रीलंकाई महिला टीम से होगा तो वह चाहेगी कि जीत का अंतर 40-50 रन हो या 15 ओवर से पहले लक्ष्य हासिल कर लिया जाए.
भारतीय टीम जीत कर भी रन रेट के जाल में फंस जाएगी
भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच महिला टी20 विश्व कप का मैच बुधवार, 9 अक्टूबर को होने वाला है। श्रीलंकाई टीम टूर्नामेंट में दो मैच खेल चुकी है. अभी तक उनकी जीत का खाता नहीं खुला है. पाकिस्तान ने उन्हें 31 रन से हराया और ऑस्ट्रेलिया ने 34 गेंद शेष रहते हुए 6 विकेट से हराया। भारतीय प्रशंसक चाहते हैं कि भारत पाकिस्तान या ऑस्ट्रेलिया से बेहतर जीत हासिल करे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारतीय टीम जीत कर भी रन रेट के जाल में फंस जाएगी.

























