साल 2025 युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। उन्होंने आईपीएल, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में शतक जड़े। जूनियर स्तर पर भी उनका बल्ला जमकर बोला। इसी वजह से क्रिकेट की सारी लाइमलाइट उन्हीं पर है। लेकिन इसी शोर में दिल्ली के ओपनर प्रियांश आर्य की शानदार फॉर्म पर कम ध्यान जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भी उतना ही दमदार है।
प्रियांश आर्य का बल्ला क्यों बोल रहा है?
24 वर्षीय प्रियांश आर्य इस वक्त जबरदस्त लय में हैं। वह दिल्ली की टीम के लिए ओपनिंग करते हैं। आक्रामक अंदाज उनकी पहचान बन चुका है। आईपीएल में मिली सफलता के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी निरंतरता दिखाई है। प्रियांश बड़े शॉट खेलने से नहीं डरते। साथ ही पारी को संभालने की समझ भी रखते हैं। यही वजह है कि वह लगातार रन बना पा रहे हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में कैसा रहा प्रदर्शन?
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में प्रियांश आर्य ने शानदार शुरुआत की है। उन्होंने अब तक खेले गए तीन मैचों में दो अर्धशतक लगाए हैं। आंध्र प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 74 रन की अहम पारी खेली। इसके बाद सौराष्ट्र के खिलाफ 78 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। प्रियांश की बल्लेबाजी में निरंतरता साफ दिख रही है। हर मैच में वह ठोस शुरुआत दिला रहे हैं।
आईपीएल 2025 में कैसे छाए थे प्रियांश?
आईपीएल 2025 में प्रियांश आर्य ने खुद को बड़े मंच का खिलाड़ी साबित किया। उन्होंने कुल 17 मैच खेले। इस दौरान 179.2 के स्ट्राइक रेट से 475 रन बनाए। उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में शतक जड़ा। यह आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे तेज भारतीय शतक रहा। वह तब पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे थे।
भारतीय टीम से मौका क्यों नहीं मिला?
इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद प्रियांश आर्य को अभी भारत की सीनियर टीम में मौका नहीं मिला है। लेकिन चयनकर्ताओं की नजरें उन पर जरूर होंगी। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा दावा होता है। प्रियांश इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। अगर वह इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो टीम इंडिया का दरवाजा ज्यादा दूर नहीं।
वैभव और प्रियांश में क्या फर्क है?
वैभव सूर्यवंशी उम्र में बेहद छोटे हैं और उनकी कहानी चमत्कार जैसी लगती है। वहीं प्रियांश आर्य मेहनत और निरंतरता की मिसाल हैं। दोनों का रास्ता अलग है, लेकिन मंजिल एक हो सकती है। वैभव भविष्य की सनसनी हैं। प्रियांश वर्तमान की मजबूती बन सकते हैं। भारतीय क्रिकेट के लिए यह अच्छी खबर है कि एक साथ कई युवा बल्लेबाज उभर रहे हैं।
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?
विजय हजारे ट्रॉफी अभी लंबी है। प्रियांश आर्य के पास खुद को और साबित करने का मौका है। आईपीएल 2026 से पहले उनका प्रदर्शन काफी अहम रहेगा। पंजाब किंग्स ने उन्हें पहले ही रिटेन कर लिया है। इसका मतलब है कि फ्रेंचाइजी को उन पर भरोसा है। अगर घरेलू क्रिकेट में रन बरसते रहे, तो जल्द ही प्रियांश आर्य भी वैभव सूर्यवंशी की तरह चर्चा के केंद्र में होंगे।























