स्पोर्ट्स न्यूज. टेनिस के दिग्गज राफेल नडाल ने अपने शानदार और ऐतिहासिक करियर को अलविदा कह दिया। डेविस कप 2024 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन को नीदरलैंड्स से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ नडाल का करियर भी समाप्त हो गया। मलागा में खेले गए इस मुकाबले में 22 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नडाल को बोटिक वैन डी जैंडस्खुल्प ने 6-4, 6-4 से हराया। घरेलू दर्शकों के बीच इस हार ने सबको हैरान कर दिया।
अलकराज़ की जीत, लेकिन पर्याप्त नहीं
मौजूदा विम्बलडन और फ्रेंच ओपन चैंपियन कार्लोस अलकराज़ ने अपना मैच जीता, लेकिन यह स्पेन को सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। इस हार के साथ ही नडाल ने अपने करियर का अंतिम मैच खेला, जिससे उनका नाम हमेशा के लिए टेनिस के महानतम खिलाड़ियों में दर्ज हो गया।
भावुक विदाई
मैच से पहले, स्पेन का राष्ट्रगान बजने के दौरान राफेल नडाल भावुक नजर आए। 38 वर्षीय इस खिलाड़ी के लिए यह पल उनके प्रशंसकों के लिए भी भावुक करने वाला था। टेनिस कोर्ट पर अपनी हर जीत और हार के दौरान, नडाल ने खेल की गरिमा को हमेशा बनाए रखा।
मैच का लेखा-जोखा
नडाल और बोटिक वैन डी जैंडस्खुल्प के बीच मुकाबला रोमांचक रहा। बैकहैंड, फोरहैंड, और डाउन-द-लाइन शॉट्स जैसे यादगार पल इस मैच में देखने को मिले। लेकिन पिछले 24 महीनों से चोटों से जूझ रहे नडाल पूरी तरह से फिट नहीं थे। थकावट और शारीरिक परेशानियों ने उनके प्रदर्शन पर असर डाला, और वे सीधे सेटों में हार गए।
टेनिस को दिया नया आयाम
राफेल नडाल का करियर असाधारण रहा है। उन्होंने न केवल 22 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, बल्कि खेल में अनुशासन, मेहनत और कभी हार न मानने की भावना का उदाहरण पेश किया। उनकी विदाई के साथ टेनिस जगत में एक युग का अंत हो गया। राफेल नडाल के करियर ने उन्हें केवल स्पेन ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के टेनिस प्रेमियों का चहेता बनाया। उनकी कमी को पूरा करना मुश्किल होगा, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।























