भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट रिश्तों में हाल के दिनों में खटास बढ़ी है। मामला तब गरमाया जब बांग्लादेश के स्टार तेज़ गेंदबाज़ Mustafizur Rahman को IPL 2026 से बाहर कर दिया गया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया। इसी बीच खबरें फैलने लगीं कि भारतीय मैच प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक को बांग्लादेश प्रीमियर लीग से हटा दिया गया है। हालांकि, सच्चाई इससे अलग निकली।
अफवाहों पर रिद्धिमा का साफ जवाब
रिद्धिमा पाठक ने खुद सामने आकर स्पष्ट किया कि उन्हें BPL से निकाला नहीं गया। उन्होंने अपनी मर्जी से इस लीग से दूरी बनाई है। सोशल मीडिया पर दिए बयान में रिद्धिमा ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में गलत जानकारी फैलाई गई। उनका यह फैसला पूरी तरह निजी और सोच-समझकर लिया गया कदम है।
“मेरे लिए देश सबसे पहले” – रिद्धिमा
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए संदेश में Riddhima Pathak ने लिखा, “मेरे लिए मेरा देश हमेशा सबसे पहले आता है। क्रिकेट किसी एक असाइनमेंट से कहीं बड़ा है। मैं ईमानदारी, सम्मान और खेल भावना के साथ खड़ी रहूंगी।” उन्होंने समर्थन देने वालों का आभार जताया और कहा कि क्रिकेट को सच का हक मिलना चाहिए।
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव की पृष्ठभूमि
मुस्तफिजुर रहमान को Kolkata Knight Riders ने BCCI के निर्देश पर रिलीज किया। इसके बाद Bangladesh Cricket Board ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप मैचों से हटने और अपने देश में IPL प्रसारण पर रोक जैसे कदम उठाए। अब इस पूरे विवाद पर ICC की नजर है।
अगर बांग्लादेश नहीं आया तो क्या होगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि बांग्लादेश भारत में होने वाले मुकाबलों के लिए नहीं आता है, तो उसके मैच फोरफीट माने जा सकते हैं। ऐसे में विरोधी टीमों को सीधे अंक मिलेंगे। ICC की ओर से इस पर आधिकारिक फैसला जल्द आने की संभावना है।
रिद्धिमा का फैसला क्यों माना जा रहा खास?
इस पूरे विवाद में रिद्धिमा पाठक का नाम जुड़ना चर्चा का विषय बन गया। वह BPL के प्रेजेंटेशन पैनल का हिस्सा थीं, लेकिन उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया। कई लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की है। उनका फैसला दिखाता है कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और भावनाओं से भी जुड़ा है।
लंबे समय से क्रिकेट जगत का जाना-पहचाना चेहरा
रिद्धिमा पाठक लंबे समय से क्रिकेट प्रसारण से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय लीग्स और बड़े टूर्नामेंट्स में अहम भूमिका निभाई है। BPL से दूरी बनाने का उनका फैसला मौजूदा हालात में एक मजबूत संदेश देता है कि उनके लिए देश और सिद्धांत किसी भी पेशेवर अवसर से ऊपर हैं।

























