यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे क्रिकेटर यश दयाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने यश दयाल की याचिका पर सुनवाई की।
एफआईआर रद्द करने की मांग की थी
यश दयाल ने अपनी याचिका में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी और उसे रद्द करने तथा अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। यश दयाल का कहना है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
बता दें कि यश दयाल के खिलाफ एक लड़की की शिकायत पर 6 जुलाई को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह धारा शादी या नौकरी का झूठा वादा जैसे कपटपूर्ण विश्वास के आधार पर किए गए यौन उत्पीड़न से संबंधित है। जिसमें दस साल तक की कैद का प्रावधान है।
ब्लैकमेलिंग का मामला भी दर्ज कराया
यश दयाल ने याचिका में राज्य सरकार, इंदिरापुरम थाने के एसएचओ और पीड़ित पक्षों के नाम लिए हैं। वहीं, यश दयाल ने प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में एक वकील के जरिए पीड़िता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पीड़िता पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया है और मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
कौन हैं यश दयाल?
बता दें कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले हैं। उन्होंने आखिरी बार आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए खेला था, जिस सीजन में उनकी टीम पहली बार ट्रॉफी जीतने में कामयाब रही थी। दयाल ने आरसीबी के विजयी अभियान में 13 विकेट लिए थे और डेथ ओवरों में कई अहम ओवर फेंके थे। उन्हें पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक देश के लिए अपना पहला मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।

























