भारतीय टीम के पूर्व कप्तान Virat Kohli ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। यह फैसला अचानक आया। क्रिकेट जगत में इस पर लगातार बहस होती रही है। कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताकर समर्थन दिया। वहीं कई विशेषज्ञों ने इसे जल्दबाज़ी में लिया गया कदम कहा। अब इस मुद्दे पर संजय मांजरेकर की टिप्पणी के बाद चर्चा एक बार फिर तेज़ हो गई है।
संजय मांजरेकर ने क्या कहा?
पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ और कमेंटेटर Sanjay Manjrekar ने एक सोशल मीडिया वीडियो में अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि जब Joe Root टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, ऐसे समय में कोहली का टेस्ट छोड़ना बहुत ज़्यादा चुभता है। मांजरेकर के मुताबिक कोहली के समकालीन खिलाड़ी आज भी टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
रूट, स्मिथ और विलियमसन का ज़िक्र क्यों?
मांजरेकर ने कहा कि कोहली के साथ खेलने वाले Steve Smith और Kane Williamson आज भी टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में हैं। उनके मुताबिक ये तीनों खिलाड़ी मुश्किल दौर से गुज़रे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टिके रहे और वापसी की। मांजरेकर को उम्मीद थी कि कोहली भी ऐसा ही करेंगे। इसी वजह से टेस्ट से संन्यास उन्हें खटकता है।
मांजरेकर की सबसे बड़ी नाराज़गी क्या?
मांजरेकर ने माना कि पिछले पांच सालों में कोहली का टेस्ट प्रदर्शन बहुत ऊंचा नहीं रहा। लेकिन उनका कहना है कि कोहली ने अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी पर पूरा काम नहीं किया। ज़रूरत पड़ती तो कुछ समय के लिए टीम से बाहर बैठना भी एक विकल्प हो सकता था। संघर्ष करना ही टेस्ट क्रिकेट की असली पहचान है। यही बात मांजरेकर को सबसे ज़्यादा चुभी।
वनडे जारी, टेस्ट छोड़ना क्यों?
मांजरेकर का कहना है कि अगर कोहली तीनों फॉर्मेट से एक साथ संन्यास लेते, तो बात समझ में आती। लेकिन सिर्फ टेस्ट छोड़कर वनडे खेलते रहना उन्हें सही नहीं लगता। उनके मुताबिक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ के लिए वनडे सबसे आसान फॉर्मेट है। असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में होती है। यहां धैर्य और मज़बूत मानसिकता की ज़रूरत होती है।
टेस्ट में कोहली की कमजोरी क्या रही?
साल 2020 से 2025 के बीच कोहली का टेस्ट प्रदर्शन औसत रहा। इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट में 30.72 की औसत से 2028 रन बनाए। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद उनकी बड़ी कमजोरी बनी। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ Scott Boland ने उन्हें कई बार आउट किया। आखिरी सीरीज़ में भी उनका प्रदर्शन फीका रहा।
विराट कोहली का टेस्ट करियर कैसा रहा?
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 123 मैच खेले। उनके नाम 9230 रन दर्ज हैं। उन्होंने 30 शतक और 31 अर्धशतक लगाए। टेस्ट क्रिकेट में उनकी औसत 46.85 रही। साल 2019 तक यह औसत लगभग 55 थी। इसके बाद के वर्षों में इसमें साफ गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद मांजरेकर मानते हैं कि कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट में लड़ने की पूरी क्षमता थी।

























