स्पोर्ट्स न्यूज. क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स, युवराज सिंह, गिलक्रिस्ट… क्रिकेट के इतिहास में कई विध्वंसक बल्लेबाज हुए हैं। लेकिन जहां तक भारतीय खिलाड़ियों की बात है तो इस सूची में पहले स्थान पर वीरेंद्र सहवाग हैं। गेंदबाज कोई भी हो, ओवर कोई भी हो, पहली गेंद पर छक्का मारना सहवाग की शैली है। अगर वह इस तरह से उछलता भी है तो अपने खेल से विरोधी गेंदबाजों को डरा देता है। 2000 के दशक में सहवाग ने पाकिस्तानी गेंदबाज राणा नवीद-उल-हुसैन की भी सराहना की थी। उन्होंने दो गेंदों पर 21 रन दिये। वह क्या है? आइये जानें कि उस मैच के मुख्य अंश क्या रहे..
यह मैच ठीक 17 साल पहले हुआ था
यह एकदिवसीय मैच 13 मार्च 2004 को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला के भाग के रूप में खेला गया था। राणा ने उस मैच की पारी के 11वें ओवर में गेंदबाजी की। सहवाग, जो पहले से ही अपनी लय में थे, किसी भी गेंदबाज के बराबर अच्छे थे। इससे तनाव में आए राणा ने पहली गेंद नो बॉल फेंक दी। सहवाग ने इसे चौके में बदल दिया। दूसरी गेंद भी नो बॉल थी.. फिर से चौका.. तीसरी गेंद भी नो बॉल थी.. और चौथी गेंद वैध डिलीवरी थी.. कोई रन नहीं बना।
पांचवीं गेंद भी राणा ने
नो-बॉल फेंकी, लेकिन सहवाग ने उसे बाउंड्री के पार पहुंचा दिया। भले ही छक्का मारने वाली गेंद नो-बॉल हो, कोई रन नहीं बनेगा। अंत में जब दूसरी वैध गेंद फेंकी गई तो सहवाग ने उस गेंद पर भी चौका जड़ दिया। इसके साथ ही उस ओवर में सिर्फ दो गेंदों पर 21 रन बन गए। सहवाग ने 4NB, 4NB, 0NB, 0, 4NB, 0NB, 4 के रूप में 21 रन बनाए। इस बीच, विश्लेषकों का कहना है कि यह अभी भी क्रिकेट की दुनिया का सबसे खराब ओवर है। उल्लेखनीय है कि राणा ने उस ओवर की शेष गेंदों पर केवल तीन रन दिए।























