स्पोर्ट्स न्यूज. जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान और मुंबई के बीच रणजी ट्रॉफी मुकाबला खेला गया। इस मैच की दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल ने शानदार शतक लगाकर सबका ध्यान खींच लिया। जायसवाल की यह पारी उनके रणजी करियर की सबसे परिपक्व पारियों में से एक मानी जा रही है। हालांकि, उनके इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुंबई टीम को जीत नहीं मिली और मुकाबला ड्रॉ रहा।
रणजी में 1000 रन पूरे
यशस्वी जायसवाल ने इस शतक के साथ रणजी ट्रॉफी में अपने 1000 रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह आंकड़ा सिर्फ 10 मैचों में हासिल किया है। इस दौरान उनका औसत 57 के करीब रहा है, जो किसी युवा बल्लेबाज के लिए शानदार उपलब्धि है। इस मैच की पहली पारी में उन्होंने 67 रन बनाए थे और दूसरी में 100 से ज्यादा की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 174 गेंदों पर 18 चौके और 1 छक्का लगाया।
कैसे रहा राजस्थान बनाम मुंबई मुकाबला
मुंबई ने अपनी पहली पारी में 254 रन बनाए थे, जबकि राजस्थान ने शानदार जवाब देते हुए 6 विकेट पर 617 रन बना दिए। इसके बाद मुंबई की दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल ने कमान संभाली और शानदार शतक जड़ा। मैच के आखिरी दिन मुंबई ने 3 विकेट खोकर 269 रन बनाए। दोनों टीमों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद मैच ड्रॉ रहा।
क्यों खास है यह शतक
जायसवाल का यह शतक सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उनकी बल्लेबाज़ी में अब परिपक्वता और संयम दोनों दिखने लगे हैं। कोच और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह शतक उन्हें टेस्ट टीम की दावेदारी में और मज़बूत करेगा।
क्या अब मिलेगा टेस्ट का मौका?
भारतीय टीम इसी महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने जा रही है। जायसवाल की यह पारी चयनकर्ताओं के लिए एक संकेत है कि वह लंबे फॉर्मेट में खेलने के लिए तैयार हैं। रणजी में उनका लगातार प्रदर्शन उन्हें टीम इंडिया के दरवाजे तक पहुंचा चुका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उन्हें प्लेइंग-11 में मौका मिलता है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं मिली जगह
हाल ही में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज खेलने गई थी। उस दौरे पर यशस्वी जायसवाल को बैकअप ओपनर के तौर पर शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें किसी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। अब रणजी में उनका फॉर्म बताता है कि वह सिर्फ बैकअप नहीं, बल्कि मुख्य ओपनर की जिम्मेदारी संभालने के लिए भी तैयार हैं।
टीम इंडिया की उम्मीद बने जायसवाल
यशस्वी जायसवाल का करियर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी में गज़ब का आत्मविश्वास है। घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता उन्हें खास बनाती है। उनकी फिटनेस, धैर्य और तकनीक उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार दिखा रही है। रणजी ट्रॉफी का यह शतक उनके सफर में एक नया मोड़ साबित हो सकता है — जहां से टीम इंडिया में स्थायी जगह की शुरुआत हो सकती है।























