टेक न्यूज़: iPhone 17 का बेस वेरिएंट 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जो पिछले iPhone 16 के बेस मॉडल (केवल 128GB) से दोगुना है। Apple ने शुरुआत में इसे ₹82,900 में लॉन्च किया था, जिससे यह खरीदारों के लिए आकर्षक बन गया। हालाँकि, उच्च माँग और सीमित उपलब्धता के कारण कंपनी कथित तौर पर अपनी मूल्य निर्धारण रणनीति पर पुनर्विचार करने पर मजबूर हो रही है। बाजार सूत्रों का मानना है कि मौजूदा उपभोक्ता रुचि को पूरा करने में असमर्थता के कारण, कीमतों में वृद्धि की जा सकती है। विश्लेषक प्रमुख शहरों में बढ़ती प्री-ऑर्डर दरों और बढ़ती प्रतीक्षा अवधि की ओर इशारा करते हैं, जिससे कीमतों में जल्द ही बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
उपभोक्ताओं को कितना अधिक भुगतान करना होगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple iPhone 17 की कीमत में ₹7,000 तक की बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है। इसका मतलब है कि 256GB मॉडल की कीमत ₹82,900 की बजाय ₹89,900 हो सकती है। 512GB वाला मॉडल, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,02,900 थी, जल्द ही ₹1,09,900 हो सकता है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो ये कीमतें iPhone 16 के बराबर या उससे भी ज़्यादा हो जाएँगी। स्मार्टफोन विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव उद्योग के मूल्य निर्धारण के रुझान के अनुरूप है, क्योंकि कंपनियां धीरे-धीरे अपने प्रमुख मॉडलों को ऊँचे दामों पर ला रही हैं। जल्द ही खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को उम्मीद से ज़्यादा खर्च का सामना करना पड़ सकता है।
क्या एप्पल ने आधिकारिक तौर पर मूल्य वृद्धि की घोषणा की है?
अभी तक, Apple ने कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि करते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालाँकि, यह ब्रांड बिना किसी पूर्व घोषणा के बाज़ार की स्थितियों के आधार पर कीमतों में बदलाव करने के लिए जाना जाता है। सूत्रों का दावा है कि कंपनी उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया को संतुलित करने के लिए बैंक ऑफ़र या कैशबैक डील्स का सहारा ले सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक संशोधित कीमतें लागू नहीं हो जातीं, Apple कोई खुला संवाद नहीं करेगा। इस मौन आंतरिक समायोजन रणनीति का इस्तेमाल पहले भी कई बार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि खुदरा साझेदार चुनिंदा क्षेत्रों में कीमतों को अपडेट करने की तैयारी कर रहे हैं।
इस अप्रत्याशित स्थिति का कारण क्या था?
आश्चर्यजनक कारणों में अनुमान से ज़्यादा माँग और उत्पादन में धीमी रिकवरी शामिल है। वैश्विक आपूर्ति की कमी के कारण स्टॉक की उपलब्धता अनिश्चित रही है। ज़्यादा स्टोरेज वाले वेरिएंट चुनने वाले ग्राहकों ने माँग को और बढ़ा दिया है। पिछले वर्षों के विपरीत, Apple ने कथित तौर पर 17 सीरीज़ में रुचि को कम करके आंका। ज़ोरदार मार्केटिंग और प्रीमियम उपयोगकर्ता अपील के साथ, इसने दबाव की स्थिति पैदा कर दी। नतीजतन, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि Apple उपलब्धता को नियंत्रित करने और उत्पाद की विशिष्टता बनाए रखने के लिए मूल्य समायोजन का उपयोग करेगा।
क्या अन्य स्मार्टफोन ब्रांड भी ऐसा ही कर रहे हैं?
जी हाँ, कई स्मार्टफोन ब्रांड्स ने हाल ही में अपने प्रीमियम मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। हालाँकि, Apple के विपरीत, प्रतिस्पर्धियों ने मेमोरी कंपोनेंट की ज़्यादा लागत के कारण कीमतें बढ़ा दी हैं। OnePlus 15 को ₹72,999 में लॉन्च किया गया था, जबकि इसके पहले वाले OnePlus 13 मॉडल की कीमत ₹69,999 थी। इसी तरह, iQOO 15 भी ₹72,999 में बाज़ार में आया, जो इसके पिछले वर्ज़न के बराबर है। ये कदम एक व्यापक बाज़ार रुझान को दर्शाते हैं जो दर्शाता है कि सभी ब्रांड्स के हाई-एंड स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ रही हैं। माँग-आधारित बढ़ोतरी दुर्लभ है, लेकिन संभव है।
क्या एप्पल खरीदारों को राहत देगा?
बाज़ार में चल रही अफवाहों से संकेत मिल रहे हैं कि ऐप्पल अपनी बढ़ी हुई कीमत को कुछ हद तक वहन करने के लिए अस्थायी बैंक योजनाएँ शुरू कर सकता है। इन ऑफ़र में साझेदार वित्तीय संस्थानों से तत्काल छूट या ईएमआई लाभ शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कीमतें आधिकारिक तौर पर बढ़ती हैं, तो ऐप्पल ऐसी राहत रणनीतियाँ लागू करने से पहले नई वित्तीय तिमाही तक इंतज़ार कर सकता है। दिवाली ऑफ़र का इंतज़ार कर रहे उपभोक्ताओं को रियायती मूल्य मिल सकते हैं। कई तकनीकी विश्लेषक सलाह देते हैं कि अगर स्टॉक लॉन्च मूल्य पर उपलब्ध रहता है, तो तुरंत खरीदारी कर लें। देरी से खर्च बढ़ सकता है और बोनस सौदे कम हो सकते हैं।
अब ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
संभावित खरीदारों को अगले कुछ हफ़्तों तक कीमतों पर नज़र रखनी चाहिए। अपग्रेड की योजना बना रहे लोगों को ऐप्पल स्टोर के अपडेट और रिटेलर प्लेटफ़ॉर्म पर नज़र रखनी चाहिए। कीमतों में बदलाव बिना किसी पूर्व सूचना के हो सकते हैं। अगर माँग ऊँची और आपूर्ति सीमित रहती है, तो डीलर आने वाले दिनों में नई कीमतें दिखाना शुरू कर सकते हैं। तकनीकी समीक्षक सलाह देते हैं कि कीमतों में बदलाव प्रभावी होने से पहले ही कदम उठा लें। अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण, ग्राहकों के पास अभी भी समय कम है। खरीदारी का फ़ैसला जल्दी लेने से अगली संभावित बढ़ोतरी से पहले पैसे की बचत हो सकती है।

























