आज भी कई लोग बहुत आसान पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं।1234 या जन्मतिथि जैसे पैटर्न आम हैं।हैकर्स सबसे पहले यही कोशिश करते हैं।इस कारण अकाउंट आसानी से हैक हो सकते हैं।एक छोटी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है।डिजिटल सुरक्षा के लिए पासवर्ड बेहद अहम होता है।इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
मजबूत पासवर्ड बनाने का सही नियम क्या?
मजबूत पासवर्ड लंबा और जटिल होना चाहिए।कम से कम 12 से 16 अक्षर रखना बेहतर माना जाता है।बड़े और छोटे अक्षरों का मिश्रण बनाएं।अंकों और विशेष चिन्हों को भी शामिल करें।इससे पासवर्ड तोड़ना मुश्किल हो जाता है।साधारण शब्दों से बचना जरूरी है।यह सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
निजी जानकारी इस्तेमाल करना क्यों बड़ी गलती?
कई लोग अपना नाम या मोबाइल नंबर पासवर्ड बना लेते हैं।जन्मदिन भी आम विकल्प होता है।यह जानकारी आसानी से मिल सकती है।हैकर्स सबसे पहले ऐसे अनुमान लगाते हैं।इससे अकाउंट खतरे में पड़ जाता है।पासवर्ड बनाते समय निजी जानकारी से दूरी रखें।यह सुरक्षा का बुनियादी नियम है।
क्या यूनिक पासवर्ड बनाना सबसे अच्छा तरीका?
पासवर्ड के लिए वाक्य या शब्दों का मिश्रण उपयोग किया जा सकता है।ऐसा संयोजन बनाएं जो याद रहे लेकिन अनुमान लगाना मुश्किल हो।अलग-अलग शब्द, अंक और चिन्ह मिलाकर पासवर्ड बनाएं।किसी और का पासवर्ड कॉपी न करें।अपना यूनिक तरीका अपनाना सुरक्षित है।इससे अकाउंट सुरक्षित रहता है।यह डिजिटल आदत बेहद फायदेमंद है।
हर प्लेटफॉर्म के लिए अलग पासवर्ड क्यों जरूरी?
एक ही पासवर्ड कई साइटों पर इस्तेमाल करना जोखिम भरा होता है।यदि एक साइट का डेटा लीक हो जाए तो बाकी अकाउंट भी खतरे में आ सकते हैं।बैंक और ईमेल के लिए अलग पासवर्ड रखें।सोशल मीडिया के लिए भी अलग बनाएं।यह सुरक्षा की मजबूत परत तैयार करता है।पासवर्ड मैनेजर का सहारा लिया जा सकता है।यह पासवर्ड सुरक्षित रखता है।
टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन कैसे बढ़ाती सुरक्षा?
सिर्फ पासवर्ड पर्याप्त नहीं होता।टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षा बढ़ जाती है।लॉगिन के समय ओटीपी या कोड मिलता है।यह दूसरी सुरक्षा परत बनाता है।यदि पासवर्ड लीक भी हो जाए तो अकाउंट सुरक्षित रहता है।बिना दूसरे चरण के लॉगिन मुश्किल हो जाता है।इसे सुरक्षा के लिए जरूरी माना जाता है।
डिजिटल सुरक्षा के लिए अन्य कौन सी आदतें
समय-समय पर पासवर्ड बदलना अच्छी आदत है।अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।केवल भरोसेमंद ऐप का उपयोग करें।डिवाइस अपडेट रखना भी जरूरी है।डिजिटल जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा है।सतर्क रहने से ठगी से बचा जा सकता है।ये आदतें सुरक्षित ऑनलाइन जीवन बनाने में मदद करती हैं।

























