मेटा एक बार फिर बदलाव के दौर में है। कंपनी अपनी टीम को छोटा कर रही है। खबर है कि करीब 200 लोगों पर असर पड़ेगा। यह फैसला अचानक नहीं है। लंबे समय से इसकी तैयारी चल रही थी। कंपनी अब अलग दिशा में जा रही है। इसका असर कर्मचारियों पर साफ दिख रहा है।
क्या अमेरिका के दफ्तर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
इस बदलाव का असर सबसे ज्यादा अमेरिका में दिखेगा। खासकर सिलिकॉन वैली वाले ऑफिस पर दबाव है। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। छंटनी की शुरुआत यहीं से हो सकती है। कंपनी पहले इन्हीं टीमों को टारगेट करेगी। बाकी देशों पर असर बाद में पड़ सकता है।
क्या एआई बना इस फैसले की वजह?
कंपनी अब एआई को प्राथमिकता दे रही है। Mark Zuckerberg इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य साफ है। मेटा को एआई आधारित कंपनी बनाना है। इसके लिए पुराने ढांचे में बदलाव जरूरी माना जा रहा है। यही वजह है कि टीम बदली जा रही है।
क्या पहले भी हो चुकी है बड़ी कटौती?
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी बड़ी छंटनी हो चुकी है। रियलिटी लैब्स डिवीजन में कटौती हुई थी। वहां हजारों लोग प्रभावित हुए थे। उस समय भी कंपनी ने दिशा बदलने की बात कही थी। अब वही प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। संकेत पहले ही मिल चुके थे।
क्या मिड-लेवल पद सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
इस बार सबसे ज्यादा असर मिड-लेवल कर्मचारियों पर है। कंपनी इन पदों को कम कर रही है। पारंपरिक मैनेजमेंट धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। उसकी जगह नए रोल बनाए जा रहे हैं। यह बदलाव सीधा संरचना को प्रभावित कर रहा है। पुराने पद अब कम होते जा रहे हैं।
क्या नए रोल्स में काम अलग होगा?
अब नए पद सामने आ रहे हैं। जैसे एआई बिल्डर और टीम लीड। इन भूमिकाओं में सिर्फ मैनेजमेंट नहीं चलेगा। कर्मचारियों को खुद तकनीक पर काम करना होगा। उनसे ज्यादा स्किल की उम्मीद होगी। कंपनी अब मल्टी-टैलेंटेड लोगों को चाहती है। यही नया मॉडल बन रहा है।
क्या पूरी टेक इंडस्ट्री में बदलाव आएगा?
मेटा का यह कदम बड़ा संकेत दे रहा है। टेक सेक्टर में एआई की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिनके पास स्किल नहीं है, उनके लिए मुश्किल बढ़ सकती है। बाकी कंपनियां भी इसी रास्ते पर चल सकती हैं। आने वाला समय पूरी इंडस्ट्री के लिए बदलाव लेकर आएगा।

























