भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।इस दौड़ में घरेलू स्टार्टअप सर्वम चर्चा में आया है।कंपनी ने अपना एआई चैट ऐप इंडस लॉन्च किया है।यह खास तौर पर भारतीय यूजर्स के लिए तैयार किया गया है।कंपनी पहले ही बड़ा भाषा मॉडल विकसित करने का दावा कर चुकी है।इस लॉन्च से भारतीय एआई सेक्टर को नई गति मिली है।टेक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।
क्या इंडस ऐप अभी उपलब्ध है?
इंडस ऐप ऐपल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है।इसका वेब वर्जन भी उपलब्ध कराया गया है।हालांकि सभी यूजर्स को तुरंत एक्सेस नहीं मिल रहा।कंपनी ने सेवा को वेटलिस्ट के साथ शुरू किया है।नए यूजर्स को फोन नंबर सत्यापन करना होगा।कुछ मामलों में इनवाइट कोड की जरूरत हो सकती है।इस तरह लॉन्च को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है।
इंडस की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
इंडस भारतीय जरूरतों के अनुसार तैयार एआई सहायक है।इसकी सबसे बड़ी खासियत बहुभाषी बातचीत है।यूजर बातचीत के दौरान भाषा बदल सकते हैं।इससे उपयोग और आसान बनता है।अंग्रेजी से हिंदी या अन्य भाषा में जवाब लेना संभव है।कंपनी इसे पूरी तरह भारतीय उत्पाद बताती है।यह फीचर इसे अन्य चैटबॉट्स से अलग बनाता है।
क्या इसमें वॉइस कमांड मौजूद हैं?
इंडस ऐप में वॉइस कमांड की सुविधा दी गई है।यूजर बोलकर सवाल पूछ सकते हैं।एआई इंटरनेट खोज और विश्लेषण के आधार पर जवाब देता है।उद्देश्य तेज और सटीक जानकारी देना है।यह सुविधा यूजर अनुभव बेहतर बनाती है।स्मार्ट जवाब प्रणाली भी मौजूद है।इससे ऐप अधिक इंटरैक्टिव बनती है।
क्या दस्तावेज विश्लेषण की सुविधा है?
इंडस सिर्फ चैट तक सीमित नहीं है।यह फाइल अपलोड की सुविधा भी देता है।यूजर फोटो या पीडीएफ अपलोड कर सकते हैं।एआई सामग्री का विश्लेषण कर सकता है।संबंधित सवालों के जवाब भी देता है।यह फीचर काम आसान बनाता है।ऐप में लिखने और संपादन की सुविधा जुड़ने के संकेत हैं।
यह किस एआई मॉडल पर आधारित है?
कंपनी ने स्पष्ट नहीं किया कि ऐप किस मॉडल पर आधारित है।हालांकि सर्वम ने दो बड़े मॉडल पेश किए हैं।इनमें सर्वम-30बी और सर्वम-105बी शामिल हैं।दोनों मॉडल भारत में विकसित किए गए हैं।संभावना है कि इंडस इन्हीं पर आधारित हो।इससे ऐप की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।टेक विशेषज्ञ भी इस पर नजर रखे हुए हैं।
इंडस ऐप कैसे इस्तेमाल करें?
इंडस ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।वेबसाइट के जरिए भी इसे एक्सेस किया जा सकता है।फिलहाल यूजर्स को वेटलिस्ट में शामिल होना पड़ सकता है।इनवाइट कोड वाले यूजर्स को सीधा एक्सेस मिलता है।कंपनी धीरे-धीरे उपलब्धता बढ़ा रही है।आने वाले समय में नए फीचर्स जुड़ सकते हैं।इस लॉन्च से भारतीय एआई सेक्टर को नया प्रोत्साहन मिला है।

























