टैक न्यूज. इस साल उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स से चोरी के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2024 में क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स से 2.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की चोरी हुई, जिसमें से आधी से अधिक रकम उत्तर कोरियाई हैकरों ने चुराई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हैकरों ने इस साल कुल 47 घटनाओं में 1.34 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी की है। पिछले एक दशक में यह पांचवीं बार है, जब साइबर अपराधियों ने क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों से 1 बिलियन डॉलर से अधिक की चोरी की है।
घटनाएं साल की पहली छमाही में अधिक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में क्रिप्टोकरेंसी चोरी की घटनाओं में तेज़ी आई। इस साल 7% बढ़ोतरी के साथ 303 साइबर हमले हुए। इनमें से अधिकतर घटनाएं साल की पहली छमाही में हुईं, जहां 1.58 बिलियन डॉलर की चोरी दर्ज की गई। हालांकि, भू-राजनीतिक कारणों के चलते दूसरी तिमाही में इन घटनाओं में कुछ कमी देखी गई।
अपने शिकार को फंसाते हैं
हैकर चोरी के बाद क्रिप्टोकरेंसी को फाइनेंशियल एक्सचेंज, माइनिंग सेवाओं और अन्य क्रिप्टो मिक्सिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके अपने देश तक पहुंचाते हैं। 2022 में उत्तर कोरियाई हैकरों ने 1.7 बिलियन डॉलर की चोरी की थी। हालांकि, 2023 में यह आंकड़ा घटकर 1 बिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक रहा। ये हैकर खास हैकिंग टूल्स और नकली भर्ती वेबसाइट्स के ज़रिए अपने शिकार को फंसाते हैं।
प्रतिबंधों के चलते बढ़ रही साइबर गतिविधियां
उत्तर कोरिया पर पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आर्थिक दबाव के कारण ही उत्तर कोरियाई हैकर क्रिप्टोकरेंसी को निशाना बना रहे हैं। इसी साल अमेरिका के न्याय विभाग ने उत्तर कोरिया के 14 नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो अमेरिकी कंपनियों के IT कर्मचारियों के रूप में काम कर रहे थे। ये लोग न केवल अहम डेटा चुराते थे, बल्कि कर्मचारियों को ब्लैकमेल भी करते थे। उत्तर कोरियाई हैकरों की ये गतिविधियां साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इससे निपटने के लिए एकजुट प्रयास करने की आवश्यकता है।























