आज हर स्मार्टफोन यूज़र WhatsApp इस्तेमाल करता है।निजी मैसेज और दस्तावेज साझा होते हैं।अगर अकाउंट सुरक्षित न हो।तो जानकारी गलत हाथों में जा सकती है।कई यूज़र सेटिंग्स नहीं देखते।इसका फायदा साइबर ठग उठाते हैं।इसलिए सुरक्षा बेहद जरूरी है। चैट लॉक फीचर खास बातचीत के लिए है।इससे चुनी गई चैट लॉक हो जाती है।पासकोड या फिंगरप्रिंट जरूरी होता है।फोन किसी और के हाथ लग जाए।तब भी चैट नहीं खुलती।निजी बातें सुरक्षित रहती हैं।यह फीचर बेहद आसान है।हर यूज़र के लिए फायदेमंद है।
डिसअपीयरिंग मैसेज फीचर क्यों जरूरी है?
इस फीचर से मैसेज अपने आप डिलीट हो जाते हैं।24 घंटे या 7 दिन चुना जा सकता है।90 दिन का विकल्प भी मौजूद है।पुरानी बातचीत सेव नहीं रहती।प्राइवेसी मजबूत होती है।फोन की स्टोरेज भी बचती है।इस फीचर का इस्तेमाल जरूर करें। WhatsApp यूज़र को पूरा कंट्रोल देता है।लास्ट सीन छिपाया जा सकता है।ऑनलाइन स्टेटस भी नियंत्रित किया जा सकता है।कौन देखे और कौन नहीं।यह फैसला यूज़र खुद करता है।अनचाहे लोगों से दूरी बनी रहती है।डिजिटल प्राइवेसी सुरक्षित रहती है।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?
यह अकाउंट को अतिरिक्त सुरक्षा देता है।6 अंकों का पिन सेट करना होता है।नए डिवाइस पर लॉगिन में पिन जरूरी होता है।अगर किसी को OTP मिल भी जाए।तो बिना पिन अकाउंट नहीं खुलेगा।हैकिंग से बड़ी सुरक्षा मिलती है।इसे जरूर ऑन करें। साइलेंस अननोन कॉलर फीचर बेहद काम का है।अनजान नंबरों की कॉल अपने आप म्यूट हो जाती है।स्पैम कॉल से राहत मिलती है।मैसेज रिक्वेस्ट अलग सेक्शन में जाती है।फ्रॉड मैसेज पहचान में आते हैं।2026 में स्कैम बढ़ रहे हैं।यह फीचर अब जरूरी हो गया है।
हर WhatsApp यूज़र को क्या करना चाहिए?
सबसे पहले सेटिंग्स चेक करें।सभी सेफ्टी फीचर्स ऑन करें।समय-समय पर ऐप अपडेट करें।अनजान लिंक पर क्लिक न करें।OTP किसी के साथ साझा न करें।डिजिटल सतर्कता अपनाएं।इससे बड़े खतरे से बचा जा सकता है।

























