अक्सर लोग वाईफाई राउटर खरीदकर सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं।उन्हें लगता है कि जब तक चल रहा है तब तक ठीक है।लेकिन हर डिवाइस की एक उम्र होती है।राउटर भी समय के साथ कमजोर हो जाता है।एक्सपर्ट मानते हैं कि 4 से 5 साल बाद इसे बदल लेना चाहिए।पुराना राउटर कई तरह की दिक्कतें पैदा करता है।
क्या स्पीड में आ रही है गिरावट?
पुराने राउटर नई टेक्नोलॉजी को सपोर्ट नहीं करते हैं।वे पुराने WiFi स्टैंडर्ड पर चलते हैं।इस वजह से इंटरनेट स्पीड कम हो जाती है।अगर आपने तेज प्लान लिया हो तब भी फायदा नहीं मिलता।स्पीड आधी से भी कम हो सकती है।नया राउटर बेहतर स्पीड देता है।इंटरनेट का सही उपयोग हो पाता है।
क्या सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा?
पुराने राउटर सबसे बड़ा खतरा सुरक्षा के लिए होते हैं।इनमें नए अपडेट मिलना बंद हो जाते हैं।इससे हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है।आपकी पर्सनल जानकारी खतरे में आ सकती है।पासवर्ड और बैंक डिटेल लीक हो सकती है।नए राउटर बेहतर सिक्योरिटी देते हैं।इसलिए अपग्रेड जरूरी है।
क्या सिग्नल और रेंज हो गए कमजोर?
समय के साथ राउटर के पार्ट्स कमजोर होने लगते हैं।लगातार इस्तेमाल से गर्मी भी असर डालती है।इससे सिग्नल कमजोर हो जाते हैं।घर के कोनों में नेटवर्क नहीं आता।कॉल ड्रॉप और इंटरनेट कटता रहता है।नए राउटर बेहतर रेंज देते हैं।सिग्नल सीधे डिवाइस तक पहुंचता है।
क्या ज्यादा डिवाइस संभाल नहीं पा रहा?
आज हर घर में कई स्मार्ट डिवाइस होते हैं।टीवी, मोबाइल, लैपटॉप सब वाईफाई से जुड़े रहते हैं।पुराना राउटर इतने डिवाइस संभाल नहीं पाता।नेटवर्क स्लो हो जाता है।कनेक्शन बार-बार टूटता है।नए राउटर एक साथ कई डिवाइस चला सकते हैं।इससे परफॉर्मेंस बेहतर रहती है।
क्या नई टेक्नोलॉजी से पीछे रह गए?
नई पीढ़ी के राउटर WiFi 6 जैसी तकनीक पर काम करते हैं।इनमें बेहतर स्पीड और कनेक्टिविटी मिलती है।MU-MIMO जैसी सुविधा होती है।यह कई डिवाइस को एक साथ संभालती है।पुराने राउटर इन फीचर्स से वंचित रहते हैं।इसलिए अपग्रेड करना जरूरी हो जाता है।
कब बदलना है सही फैसला?
अगर आपका राउटर 4-5 साल पुराना है तो बदलना सही रहेगा।अगर स्पीड कम मिल रही है तो भी ध्यान दें।बार-बार नेटवर्क कट रहा है तो भी संकेत है।सुरक्षा का खतरा भी बड़ा कारण है।नया राउटर आपके इंटरनेट अनुभव को बेहतर बनाएगा।समय पर बदलना ही समझदारी है।

























