इंटरनेशनल न्यूज. पिछले हफ्ते, बांग्लादेश के हिंदू समुदाय ने व्हाइट हाउस के सामने एक विरोध रैली आयोजित की। इस रैली में हिंदू साधु चिन्मोय दास की रिहाई और अपने सुरक्षा अधिकारों की मांग की गई। चिन्मोय कृष्ण ब्रह्मचारी, जो एक सम्मानित हिंदू संत हैं, को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कैद कर रखा है। प्रदर्शनकारियों ने उनकी रिहाई के साथ-साथ हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग की।
अमेरिकी सांसद ब्रैड शरमन का बयान
अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ब्रैड शरमन ने बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपील की कि वह हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। शरमन ने कहा कि हालिया हमलों और उत्पीड़न से सैकड़ों हिंदू परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से भी अपील की कि वह अल्पसंख्यक अधिकारों के उल्लंघन की जांच करे।
हिंदूएक्शन का कड़ा संदेश
हिंदूएक्शन संगठन के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने बिडेन-हैरिस प्रशासन से मांग की कि वे बांग्लादेश में हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि चिन्मोय ब्रह्मचारी की जान को खतरा है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में चरमपंथी हिंसा को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना बेहद जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे हमलों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। दुनिया भर के हिंदू संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की अपील की है। बांग्लादेश में हिंसा और उत्पीड़न के बढ़ते मामलों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने भी आवाज उठाई है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन गया है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और सशक्त कदमों की जरूरत है ताकि अल्पसंख्यक समुदाय को न्याय और सुरक्षा मिल सके।























