इंटरनेशनल न्यूज. अमेरिका के बाद अब कनाडा में भी अवैध अप्रवासियों की समस्या बढ़ गई है। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी ने देश भर में उन लोगों के खिलाफ एक बड़ा निर्वासन अभियान शुरू किया है जो अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक देश में रुके रहे हैं या जिनके शरण के दावे खारिज कर दिए गए हैं।अमर उजाला द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने अब तक 30,000 से अधिक निर्वासन वारंट जारी किए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं जो कनाडा में अवैध रूप से रह रहे थे, या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। इसमें बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के लोग शामिल हैं, जिससे वहां हलचल मच गई है। पंजाबी मूल के कई युवा ऐसे हैं जिनके वर्क परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है और वे कनाडा में अवैध रूप से रह रहे हैं।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई शुरू में तीन प्रकार के लोगों पर की जाएगी, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके राजनीतिक शरण के आवेदन खारिज हो चुके हैं और जो कनाडा में अवैध रूप से रह रहे हैं। जिनका अपराधों से कोई न कोई संबंध रहा है।
छात्र वीजा पर गए पंजाबियों के खिलाफ भी कार्रवाई
एजेंसी की सूची में वे छात्र भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है, साथ ही वे छात्र भी शामिल हैं जिनके पर्यटक वीजा की अवधि समाप्त हो गई है, लेकिन वे अभी तक वापस नहीं आए हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पीआर कार्ड धारक होने के बावजूद अपराधों में संलिप्त पाए गए। ऐसे युवाओं को वापस भेजने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि…
यदि निर्वासित व्यक्ति बाद में पुनः कनाडाई वीज़ा प्राप्त करना चाहता है, तो उसे पहले सरकार को निर्वासन लागत के रूप में 3,800 डॉलर (कनाडाई डॉलर) का भुगतान करना होगा। यदि उन्हें विशेष अनुरक्षक (सुरक्षा के तहत) के साथ वापस भेजा जाता तो उन्हें 12,800 कनाडाई डॉलर का भुगतान करना पड़ता।
एजेंसी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार…
21 अक्टूबर तक 457,646 लोग कनाडा से निर्वासन के विभिन्न चरणों में हैं। 27,675 लोग निर्वासन के अंतिम चरण में हैं। 378,320 लोग निगरानी में हैं, और या तो शरणार्थी बनने के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, या उनके विरुद्ध निर्वासन आदेश जारी हैं, जिनका फिलहाल क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। 29,731 लोग ऐसे हैं जिनका पता अज्ञात है तथा वे फरार हैं।























