अब तक अंतरिक्ष में जाने वाले जहाज छोटे कैप्सूल जैसे होते हैं। इनके जरिए कुछ ही अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जाते हैं। मिशन खत्म होने के बाद वे धरती पर लौट आते हैं। ज्यादातर यात्राएं कुछ दिनों या महीनों की होती हैं। लेकिन अब वैज्ञानिक इससे कहीं बड़ा सपना देख रहे हैं। वे ऐसा जहाज बनाना चाहते हैं जो खुद एक पूरा शहर हो। जहां इंसान लंबे समय तक रह सकें।
कैसा होगा अंतरिक्ष का घर
रिपोर्टों के मुताबिक इंजीनियर एक नए तरह के अंतरिक्ष यान पर विचार कर रहे हैं। यह जहाज सिर्फ लोगों को ले जाने के लिए नहीं होगा। यह उनका स्थायी घर भी बनेगा। इसमें रहने, खाने और काम करने की पूरी व्यवस्था होगी। वैज्ञानिक चाहते हैं कि इसमें कई पीढ़ियां रह सकें। लोग अंतरिक्ष में ही अपना जीवन गुजार सकें। इस तरह यह जहाज एक उड़ता हुआ शहर बन सकता है।
क्या है ‘क्रिसेलिस’ अंतरिक्ष यान
एक डिजाइन का नाम ‘क्रिसेलिस’ रखा गया है। यह एक बहुत बड़े अंतरिक्ष यान का कॉन्सेप्ट है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें करीब 1000 लोग रह सकते हैं। यह जहाज लगभग 250 साल लंबी यात्रा कर सकता है। इसका लक्ष्य किसी दूसरे तारा मंडल तक पहुंचना होगा। इस दौरान कई पीढ़ियां इसी जहाज में जन्म लेंगी। और वहीं अपना जीवन बिताएंगी।
जहाज के अंदर कैसी होगी दुनिया
क्रिसेलिस के डिजाइन में बीच में एक बड़ा घूमने वाला रिंग होगा। जब यह रिंग धीरे-धीरे घूमेगा तो कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण पैदा होगा। जहाज के अंदर रहने वाले लोगों को धरती जैसी ग्रैविटी महसूस होगी। लोग सामान्य तरीके से चल-फिर सकेंगे। रोजमर्रा का जीवन भी काफी हद तक धरती जैसा लगेगा। अंतरिक्ष जीवन के लिए यह तकनीक बहुत अहम मानी जा रही है।
क्यों जरूरी है कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण
लंबे समय तक बिना गुरुत्वाकर्षण के रहें तो शरीर पर बुरा असर पड़ता है। हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। मांसपेशियां घटने लगती हैं। दिल और रक्त प्रवाह पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए वैज्ञानिक घूमते हुए ढांचे की योजना बना रहे हैं। यह अंतरिक्ष में स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसी कारण क्रिसेलिस के डिजाइन में यह व्यवस्था रखी गई है।
जहाज में कैसे चलेगा जीवन
जहाज के अंदर पूरा बंद इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। जहाज के भीतर ही खेती की जाएगी। पौधे ऑक्सीजन पैदा करेंगे। इंसान कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ेंगे जिसे पौधे इस्तेमाल करेंगे। जैविक कचरे को खाद में बदला जाएगा। फिर उसी खाद से खेती की जाएगी। इस तरह एक संतुलित जीवन चक्र बनाया जाएगा ताकि लोग लंबे समय तक अंतरिक्ष में रह सकें।
क्या अंतरिक्ष में बनेगा यह जहाज
इतना विशाल जहाज धरती से लॉन्च करना लगभग असंभव माना जा रहा है। इसलिए वैज्ञानिक इसे अंतरिक्ष में ही बनाने की योजना कर रहे हैं। जहाज के अलग-अलग हिस्सों को अंतरिक्ष में ले जाकर जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह जहाज अपनी लंबी यात्रा पर निकलेगा। सबसे खास बात यह है कि यह जहाज वापस धरती पर नहीं आएगा। यह मानव इतिहास के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशनों में से एक हो सकता है।

























