International News: : कोलंबिया की राजधानी बोगोटा से शनिवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। विपक्षी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सीनेटर मिगुएल उरीबे पर एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान हमला किया गया। हमलावर ने एक सार्वजनिक पार्क में आयोजित बैठक के दौरान उरीबे की पीठ में गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कार्यक्रम के बीच में निकाल दिया गया
यह घटना बोगोटा के फोंटिबोन जिले की है, जहां सीनेटर उरीबे एक स्थानीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। अचानक एक व्यक्ति ने बंदूक निकालकर कार्यक्रम के बीच में ही गोली चला दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला बहुत नजदीक से किया गया था, और सीनेटर की पीठ में गोली लगी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हमलावर गिरफ्तार, अस्पताल अलर्ट पर
बोगोटा के मेयर कार्लोस गैलन ने मीडिया को बताया कि हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उरीबे की हालत में कोई बदलाव होता है तो उसे किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। इसीलिए बोगोटा के सभी बड़े अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।
सरकार और राष्ट्रपति की तीखी प्रतिक्रिया
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस हमले की कड़ी निंदा की और सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर कहा, “यह सिर्फ़ राजनीतिक हमला नहीं है; यह हमारी मातृभूमि पर हमला है।” उन्होंने उरीबे के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई और उन्हें भरोसा दिलाया कि अपराधी को कड़ी सज़ा मिलेगी। वहीं, सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इस घटना को “लोकतंत्र पर हमला” बताया गया है।
उरीबे की मां भी हिंसा की शिकार थीं
सीनेटर मिगुएल उरीबे की मां डायना टर्बे एक जानी-मानी पत्रकार थीं, जिन्हें 1991 में कुख्यात ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार के गिरोह ने अगवा कर लिया था। उस समय बचाव अभियान के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि ने उरीबे को राजनीति में सक्रिय बना दिया, जहां उन्होंने हमेशा न्याय और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात की है। इस घटना के बाद कोलंबिया की राजनीतिक गलियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। कई नेताओं ने इसे पूर्व नियोजित हमला बताया है। वहीं विपक्षी दल डेमोक्रेटिक सेंटर ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र का अपमान बताया है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं को अधिक सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
























