International News: अमेरिका से एक बम विस्फोट की घटना सामने आई है। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, रविवार को कोलोराडो के बोल्डर में यहूदी लोगों पर आग के बम फेंके गए और ‘स्वतंत्र फिलिस्तीन’ के नारे भी लगाए गए। इस घटना में कई लोग घायल हो गए हैं। कोलोराडो में एक हमले के बाद एक पुरुष संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इसे ‘लक्षित आतंकवादी हमला’ बताया है। वहीं, कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल फिल वीजर ने कहा कि लक्षित समूह को देखते हुए, यह हमला एक ‘घृणा अपराध’ प्रतीत होता है। एफबीआई ने संदिग्ध की पहचान 45 वर्षीय मुहम्मद साबरी सोलीमा के रूप में की है।
घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना है
एफबीआई ने कहा कि कोलोराडो में आतंकवादी हमले के संदिग्ध ने ‘फिलिस्तीन को आजाद करो’ जैसे नारे लगाए थे। उन्होंने एक अस्थायी आग फेंकने वाले हथियार का प्रयोग किया, जिससे छह लोग घायल हो गए। घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
इज़रायली नागरिकों की रिहाई की मांग
कोलोराडो में आतंकवादी हमला उस समय हुआ जब एक स्वयंसेवी समूह – रन फॉर देयर लाइव्स – शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था। हमास शासन के तहत गाजा में फंसे इजरायली नागरिकों की रिहाई की मांग कर रहे लोग बड़ी संख्या में समर्थन जुटाने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
एक व्यक्ति ने अचानक पटाखे फेंकना शुरू कर दिया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान ही एक व्यक्ति अचानक मॉल में मोलोटोव कॉकटेल (आग लगाने वाली बोतलें) फेंकने लगा। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक घटनास्थल से एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक प्रत्यक्षदर्शी को यह कहते हुए सुना गया कि वह मोलोटोव कॉकटेल फेंक रहा था। एक पुलिस अधिकारी को भी हथियार लहराते हुए उस व्यक्ति की ओर बढ़ते देखा गया।
यहूदी अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा की हाल की घटनाओं में से एक
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने इस घटना को ‘लक्षित आतंकवादी हमला’ बताया है। इस मामले की जांच आतंकवादी कृत्य मानकर की जा रही है। देश के न्याय विभाग ने भी हमले की निंदा की है। ट्रम्प प्रशासन ने कोलोराडो मामले को यहूदी अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा की हालिया घटनाओं में से एक माना।

























