इटंरनेशनल. इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को आदेश दिया कि एक गंभीर हमले के बाद दो बचाव विमान अम्स्टर्डम भेजे जाएं। यह हमला इज़राइली नागरिकों पर हुआ था जो फुटबॉल मैच देखने गए थे। इस हमले को लेकर इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने अपने नागरिकों से होटल के कमरों में रहने की अपील की है।
हमले की स्थिति और प्रतिक्रिया
इज़राइली सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा, “फुटबॉल मैच देखने गए प्रशंसक, सिर्फ अपनी यहूदी और इज़राइली पहचान के कारण घृणा का शिकार हुए। मैं किसी भी ऐसे प्रयास की निंदा करता हूं, जिसमें पीड़ित को दोषी ठहराया जाए।” उन्होंने इस हमले की कड़ी आलोचना की और कहा कि वह विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि इज़राइली नागरिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, उन्होंने डच पुलिस के साथ मिलकर “नीदरलैंड्स में हुए गंभीर लिंचिंग घटनाओं” की जांच शुरू कर दी है।
यूरोप में बढ़ते खतरे का संकेत
इसे एक चेतावनी के रूप में लेते हुए बेन-गवीर ने कहा, “यह सिर्फ यहूदी और इज़राइलियों पर हमला नहीं है, बल्कि यह यूरोप के सभी देशों के लिए एक चेतावनी है। जो लोग मध्य पूर्व में इस्लामी आतंकवाद को नजरअंदाज करते हैं, वे उसे अपने घरों में यूरोप और पश्चिम में देखेंगे। आज पीड़ित इज़राइली थे; कल यह आप हो सकते हैं, यूरोपीय।”
दंगे और गिरफ्तारियां
फुटबॉल मैच के बाद 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जब प्रो-पलस्तीन प्रदर्शनकारी जोहान क्रुयफ स्टेडियम तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जबकि शहर में प्रदर्शनों पर प्रतिबंध था। 8 नवंबर को गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 62 हो गई और पांच लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
राहत मिशन और समर्थन
इज़राइली सैन्य ने नीदरलैंड्स सरकार के साथ मिलकर एक त्वरित बचाव मिशन शुरू किया। इस मिशन में मेडिकल और रेस्क्यू टीमें शामिल होंगी। इज़राइल रक्षा बलों (IDF) ने बताया कि यह मिशन मालवाहन विमानों के जरिए भेजा जाएगा।
सामाजिक मीडिया पर घटनाएं और विवाद
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए, जिनमें लोग सड़कों पर दौड़ते हुए दिखाई दे रहे थे और एक व्यक्ति को हमला करते हुए देखा जा रहा था। इस पर नीदरलैंड्स के विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यूरोप में विरोध और हिंसा
गाजा युद्ध के कारण यूरोप और अमेरिका में दोनों पक्षों का समर्थन करने वाले प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें अरबों और यहूदियों पर हमले भी हुए हैं। डच सरकार के सबसे बड़े दल के नेता, जियर्ट वाइल्डर्स ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया। इज़राइली विदेश मंत्री गिदोन साआर ने भी डच सरकार से इज़राइली नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है। यह हमला न केवल इज़राइलियों और यहूदियों के खिलाफ एक घृणा अपराध है, बल्कि यह यूरोप में बढ़ती धार्मिक हिंसा और आतंकवाद की ओर एक गंभीर इशारा भी है।

























