इंटरनेशनल न्यूज. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने वर्ष 2024 के लिए ‘ब्रेन रोट’ को वर्ड ऑफ द ईयर चुना है। यह शब्द सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और उसकी मानसिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों का वर्णन करता है। ‘ब्रेन रोट’ ने शॉर्टलिस्ट में मौजूद अन्य शब्दों, जैसे ‘डिम्यूर’, ‘डायनेमिक प्राइसिंग’, ‘लोर’, ‘रोमांसी’ और ‘स्लोप’ को पछाड़कर यह खिताब हासिल किया।
सार्वजनिक भागीदारी और भाषा डेटा
ऑक्सफोर्ड के भाषा विशेषज्ञों ने 37,000 से अधिक लोगों द्वारा किए गए मतदान, भाषा के उपयोग और सांस्कृतिक प्रभाव का अध्ययन किया। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की तुलना में ‘ब्रेन रोट’ का उपयोग 230% तक बढ़ा। इसका व्यापक प्रयोग TikTok और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर देखा गया।
‘ब्रेन रोट’ का मतलब और उत्पत्ति
ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार, ‘ब्रेन रोट’ का मतलब मानसिक या बौद्धिक गिरावट से है, जो सोशल मीडिया और निम्न-स्तरीय सामग्री के अत्यधिक उपभोग के कारण होती है। हालांकि यह शब्द 2024 में लोकप्रिय हुआ, लेकिन इसकी जड़ें 1854 तक जाती हैं। अमेरिकी लेखक हेनरी डेविड थोरो ने इसे पहली बार अपने लेखन में इस्तेमाल किया।
डिजिटल युग में ‘ब्रेन रोट’ का महत्व
सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग मीम्स और वीडियो के संदर्भ में ‘ब्रेन रोट’ शब्द मजाकिया रूप से Gen Z और Gen Alpha उपयोगकर्ताओं के बीच आम हो गया है। TikTok पर लोकप्रिय ‘स्किबिडी टॉयलेट’ वीडियो सीरीज़ और ‘केवल ओहियो में’ मीम्स इसके उदाहरण हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
न्यूपोर्ट इंस्टीट्यूट के अनुसार, ‘ब्रेन रोट’ के परिणामस्वरूप मानसिक थकान, ध्यान की कमी और संज्ञानात्मक क्षमताओं में गिरावट हो सकती है। विशेषज्ञों ने स्क्रीन समय को कम करने और ध्यान भटकाने वाले ऐप्स को हटाने जैसी सलाह दी है। 2023 में ‘रिज़’, 2022 में ‘गोब्लिन मोड’, और 2021 में ‘वैक्स’ को ऑक्सफोर्ड वर्ड ऑफ द ईयर चुना गया था।

























