पाकिस्तान में नए CDF पद को लेकर बड़ा झगड़ा खड़ा हो गया है। सेना प्रमुख असीम मुनीर इस पद पर खुद को बैठाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन अचानक एयर चीफ जहीर बाबर सिद्धू सामने आ गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह पद उन्हें मिलना चाहिए। इससे पूरा सैन्य ढांचा हिल गया है। सियासतदान भी दो हिस्सों में बंट गए हैं। इससे पाकिस्तान में तनाव और बढ़ गया है।
एयर चीफ ने दावा क्यों किया?
आदिल राजा के अनुसार, एयर चीफ ने सबसे पहले नवाज़ शरीफ़ से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आज की जंगों में एयरफोर्स सबसे अहम है। इसलिए CDF का पद एयरफोर्स के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने अपनी भूमिका का इतिहास भी याद दिलाया। कहा कि हाल की भारत-पाक तनातनी में एयरफोर्स ने सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी निभाई। इस दलील ने उनका दावा और मजबूत कर दिया। इससे असीम मुनीर की दावेदारी कमजोर पड़ने लगी।
असीम मुनीर क्यों घबराए?
असीम मुनीर पहले फील्ड मार्शल बनना चाहते हैं। फिर CDF की कुर्सी लेना चाहते थे। लेकिन अब एयर चीफ का दावा उनके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन गया है। फौज के अंदर भी धड़े बन गए हैं। कुछ सेनाधिकारी भी एयर चीफ को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। इससे असीम मुनीर की पकड़ ढीली पड़ रही है। यह मामला अब पूरी फौज में चर्चा का विषय बन गया है।
सियासत कैसे उलझी?
नवाज़ शरीफ़ और ज़रदारी पहले असीम मुनीर के साथ थे। लेकिन सिद्धू के परिवार का PML-N से पुराना रिश्ता है। उनके छोटे भाई को भी टिकट दिलवाने में नवाज़ की भूमिका बताई जाती है। इस रिश्ते ने सिद्धू को मजबूत राजनीतिक आधार दे दिया है। अब नवाज़ शरीफ़ भी दावे पर सोचने लगे हैं। इससे असीम मुनीर की स्थिति और कमजोर हो गई है। पाकिस्तान की राजनीति में जोरदार खींचतान शुरू हो चुकी है।
CDF पद इतना अहम क्यों?
CDF बनने वाला व्यक्ति तीनों सेनाओं का सबसे बड़ा मुखिया होगा। उसकी राय देश की सुरक्षा नीति में सबसे ऊपर मानी जाएगी। इसलिए यह पद फौज के लिए बहुत ताकत वाला है। असीम मुनीर इसे सेना प्रमुख के बाद दूसरी बड़ी जीत मान रहे थे। लेकिन एयर चीफ ने इस पद की असली ताकत को समझते हुए खुद दावा पेश कर दिया है। इससे यह पद पाकिस्तान में पावर का नया केंद्र बन गया है।
क्या होगा फौज में अगला कदम?
CDF पद बनाने के लिए संविधान में बदलाव करना होगा। यह काम आसान नहीं है। सियासी पार्टियाँ भी इस पर एकमत नहीं हैं। अगर बदलाव हुआ तो नया शक्ति-संतुलन बनेगा। सेना में अस्थिरता बढ़ सकती है। कई अफसर इस कदम को खतरा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में पाकिस्तान की फौज और राजनीति में बड़ी हलचल दिख सकती है। इससे पूरा देश नई अनिश्चितता की तरफ बढ़ रहा है।
देश पर क्या असर पड़ेगा?
फौज और एयरफोर्स के इस टकराव से पाकिस्तान की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। सरकार पहले ही संकट में है। अर्थव्यवस्था डगमगा रही है। ऐसे में सैन्य टकराव देश के लिए और मुश्किलें बढ़ा सकता है। विदेशों में भी पाकिस्तान की छवि पर असर पड़ेगा। CDF का विवाद जितना खिंचेगा, उतनी ही गहरी देश में बेचैनी बढ़ेगी। यह झगड़ा आने वाले महीनों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है।

























