नई दिल्ली: पाकिस्तान का असली चेहरा सामने आ गया है. पहलगांव आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान का समर्थन स्पष्ट है. वहां हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा गया. आतंकवादी गोलीबारी करने से पहले पर्यटकों से उनकी धार्मिक पहचान पूछते हैं. उन्हें यह जानते हुए मार दिया गया कि वे हिन्दू थे. हिंदुओं के खिलाफ इतना गुस्सा और नफरत है, फिर भी ये पाकिस्तानी जानते हैं कि मोहम्मद अली जिन्ना, जिन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहा जाता है, उनका परिवार हिंदुओं का था.
पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल मुहम्मद अली जिन्ना थे. देश के विभाजन के पीछे भी उनका ही हाथ था. जिन्ना का जन्म 25 दिसंबर 1876 को कराची, पाकिस्तान में हुआ था. लेकिन क्या आप जानते हैं, जिन्ना परिवार हिंदू था? वे लोहाना संप्रदाय से संबंधित थे, जो हिंदू धर्म का एक संप्रदाय है.
जिन्ना के पूर्वजों का संघर्ष और धर्म परिवर्तन
जिन्ना के पिता जिन्नाभाई पुंजा थे. वह गुजरात के निवासी थे, लेकिन बाद में कराची चले गये. जिन्ना के दादा पुंजा गोकुलदास मेघजी राजकोट के पनेली मोती गांव के निवासी थे. ज्ञातव्य है कि पुंजा भाई मछली बेचते थे. लोहाना समुदाय ने उनके व्यवसाय पर आपत्ति जताई . पुंजा भाई से अपना कारोबार बंद करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया. जिन्ना के पूर्वजों को वस्तुतः सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया. हालाँकि, कई इतिहास की पुस्तकों में उल्लेख है कि जिन्ना के पूर्वजों को मुसलमान बनने के अपने फैसले पर पछतावा था. वे पुनः हिन्दू धर्म अपनाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई.
जिन्ना के पूर्वजों की असली कहानी
फिर व्यापार करने के लिए मुहम्मद अली जिन्ना के पिता जिन्नाभाई कराची चले गए और वहीं रहने लगे. नाम के पहले मुहम्मद जोड़ें. एक अन्य स्रोत का दावा है कि जिन्ना के पूर्वज राजपूत थे. एक पाकिस्तानी लेखक की पुस्तक ‘मिस्टर. जिन्ना ने लिखा है कि जिन्ना के पूर्वज पंजाब के साहीवाल के राजपूत थे. उनकी शादी एक इस्माइली खोजा से हुई थी और वे काठियावाड़ में रहती थीं. इस्माइली आगा खान के अनुयायी थे, जो बाद में सुन्नी मुसलमान बन गये. मुहम्मद अली जिन्ना ने स्वयं यह बात स्वीकार की थी.

























