पूर्व पाक अधिकारी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा ड्रोन संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचे। जमरूद और नौशेरा बेस का जिक्र हुआ। इस्लामाबाद के पास परमाणु केंद्र की बात भी कही गई। दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। आधिकारिक तौर पर हमले की पुष्टि नहीं है। फिर भी सुरक्षा बहस तेज हो गई।
क्या तालिबान ने ड्रोन कार्रवाई स्वीकार की?
तालिबान ने ड्रोन कार्रवाई का जिक्र किया। इसे जवाबी कदम बताया गया। सैन्य कैंपों को निशाना बनाने की बात कही गई। परमाणु ठिकानों पर हमले की पुष्टि नहीं हुई। अफगान पक्ष ने इसे प्रतिक्रिया बताया। ड्रोन युद्ध को नया रुझान माना जा रहा है। संघर्ष का नया आयाम सामने आया। कुछ रिपोर्टों में एयर डिफेंस भेदने की बात आई। दावा है कुछ ड्रोन अंदर तक पहुंचे। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही। जांच की बात सामने आई। विशेषज्ञ ड्रोन खतरे की चेतावनी दे रहे हैं। भविष्य की सैन्य रणनीति बदल सकती है।
क्या शहरों में सैन्य ठिकाने बने निशाना?
दावों के अनुसार कई क्षेत्रों का जिक्र हुआ। इस्लामाबाद और एबटाबाद के नाम सामने आए। सैन्य कॉलोनियों पर हमले की बात हुई। कुछ जगह हलचल की खबरें आईं। बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोगों में चिंता देखी गई। सीमा पर पहले से तनाव जारी था। दोनों पक्षों ने फायरिंग के दावे किए। तालिबान ने चौकियों को निशाना बनाने की बात कही। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई बताई। पोस्ट नष्ट करने के दावे हुए। हालात तनावपूर्ण बने। सीमा पर तैनाती बढ़ी।
क्या पुराने विवाद बने तनाव की वजह?
दोनों देशों के बीच तनाव नया नहीं है। पाकिस्तान हमलों के आरोप लगाता रहा है। तालिबान इन्हें खारिज करता है। ड्यूरंड लाइन विवाद भी कारण है। हालिया घटनाओं से पुराने मतभेद उभरे। बयानबाजी ने स्थिति जटिल बनाई। बातचीत की संभावना कम दिखी। विशेषज्ञ इसे गंभीर संकेत मानते हैं। परमाणु सुरक्षा चिंता बढ़ सकती है। तनाव बढ़ा तो क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित होगी। दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। पड़ोसी देश नजर रख रहे हैं। हालात अनिश्चित हैं। संवाद को समाधान बताया जा रहा है।
























