कोलंबो में खेले मुकाबले ने बड़ा उलटफेर दिखाया। जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को हराकर ग्रुप बी में पहला स्थान हासिल किया। मैच से पहले टीम दूसरे नंबर पर थी। जीत के बाद अंक तालिका बदल गई। चार मैचों में जिम्बाब्वे के 7 अंक हो गए। श्रीलंका 6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंची। इस जीत ने टूर्नामेंट का रोमांच बढ़ा दिया।
क्या लक्ष्य का सफल पीछा
श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 178 रन बनाए। जिम्बाब्वे के सामने 179 रन का लक्ष्य था। टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल किया। 19.3 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत दर्ज की। यह जिम्बाब्वे का बड़ा रन चेज माना गया। टीम ने दबाव में संयम दिखाया। बल्लेबाजों ने मैच अंत तक नियंत्रण रखा।
क्या कप्तान रजा बने हीरो
जिम्बाब्वे की जीत में कप्तान सिकंदर रजा अहम रहे। उन्होंने तेज स्ट्राइक रेट से 45 रन बनाए। सिर्फ 26 गेंदों में मैच का रुख बदल दिया। उनकी पारी में चौके और छक्के शामिल रहे। उन्होंने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की। टीम को जीत के करीब पहुंचाया। कप्तानी पारी की खूब चर्चा हो रही है। ओपनर ब्रायन बेनेट ने शानदार अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 48 गेंदों में 63 रन बनाए। शुरुआत में टीम को स्थिरता दी। उनकी पारी ने लक्ष्य आसान बना दिया। बेनेट ने बड़े शॉट्स भी लगाए। साझेदारी ने मैच का दबाव कम किया। जीत में उनका योगदान अहम रहा।
क्या श्रीलंका की पारी मजबूत
श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी में अच्छा स्कोर बनाया। पाथुम निसंका ने 62 रन की पारी खेली। पवन रत्नायके ने भी 44 रन जोड़े। टीम ने 20 ओवर में 178 रन बनाए। यह स्कोर चुनौतीपूर्ण माना गया। गेंदबाजों ने विकेट लेने की कोशिश की। लेकिन लक्ष्य बचा नहीं सके। यह जीत कई मायनों में खास रही। आईसीसी टूर्नामेंट में श्रीलंका पर पहली जीत मिली। सफल रन चेज का रिकॉर्ड भी बना। टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। सुपर-8 से पहले बड़ा संदेश गया। जिम्बाब्वे को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया।
क्या सुपर-8 में असर दिखेगा
ग्रुप स्टेज में शीर्ष स्थान से टीम को फायदा मिलेगा। सुपर-8 में आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। बल्लेबाजी और कप्तानी फॉर्म में दिखी। गेंदबाजी में भी सुधार नजर आया। टीम संतुलित दिखाई दे रही है। विरोधी टीमों के लिए चुनौती बढ़ेगी। आगे के मुकाबलों पर सबकी नजर रहेगी।

























