प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे के दौरान घोषणा की कि भारत का डिजिटल भुगतान सिस्टम यूपीआई जल्द ही वहां शुरू किया जाएगा। यह ऐलान साधारण तकनीकी फैसला नहीं है। यह भारत की डिजिटल नीति का विस्तार है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक लेनदेन आसान होगा। भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच मिलेगा। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों को सीधा लाभ होगा। यह डिजिटल कूटनीति का स्पष्ट उदाहरण है।
क्या यह दौरा रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा
प्रधानमंत्री मोदी 2026 की पहली विदेश यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचे हैं। भारत और मलेशिया पहले ही व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं। व्यापार और निवेश में लगातार बढ़ोतरी हुई है। रक्षा सहयोग भी मजबूत हुआ है। यह दौरा इन्हीं रिश्तों को और गहरा करने का प्रयास है। यूपीआई की घोषणा इसी बड़े फ्रेम का हिस्सा है। यह भरोसे का संकेत भी है।
क्या प्रवासी भारतीय दोनों देशों की सबसे बड़ी ताकत हैं
कुआलालंपुर में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि मलेशिया में करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ये लोग दोनों देशों के बीच सेतु का काम करते हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की। इसे ऐतिहासिक मित्रता की नींव बताया। यह संबोधन भावनात्मक भी था और रणनीतिक भी।
क्या मलेशिया ने भारत को विशेष सम्मान दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री ने स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल तक साथ गए। मोदी ने इसे भारत के प्रति सम्मान बताया। यह कूटनीतिक भाषा में बड़ा संकेत माना जाता है। यह दिखाता है कि मलेशिया भारत को कितनी अहमियत देता है। रिश्तों में भरोसा साफ नजर आता है।
क्या सांस्कृतिक जुड़ाव रिश्तों को मजबूत करता है
कार्यक्रम में 800 कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने इसे यादगार बताया। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया की संस्कृति में समानताएं हैं। खानपान। भाषा। संगीत। भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता का भी जिक्र हुआ। यह सांस्कृतिक जुड़ाव राजनीतिक रिश्तों को मजबूत आधार देता है। यह सॉफ्ट पावर का प्रभावी उदाहरण है।
क्या रक्षा और व्यापार बातचीत का अहम हिस्सा हैं
इस यात्रा के दौरान रक्षा और व्यापार पर विशेष बातचीत होगी। कई समझौतों की उम्मीद है। नई तकनीकों में सहयोग पर भी चर्चा होगी। डिजिटल भुगतान में यूपीआई की शुरुआत आर्थिक रिश्तों को नया आयाम देगी। यह केवल सुविधा नहीं बल्कि भरोसे की व्यवस्था है। इससे द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलेगी। दोनों देशों को फायदा होगा।
क्या भारत अपने मुद्दे भी मजबूती से रखेगा
प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में भारत जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाएगा। यह भारत की पुरानी मांग है। विदेश मंत्रालय के अनुसार एजेंडा व्यापक है। यह दौरा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है। भारत अपने रणनीतिक हित स्पष्ट रखेगा। मलेशिया के साथ रिश्तों को नई दिशा मिलेगी।























