शुक्रवार को दबाव में बंद हुए शेयर बाजार ने सोमवार को जबरदस्त तेजी के साथ शुरुआत की। जीडीपी के मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया और सेंसेक्स 450 अंकों से ऊपर चढ़ गया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 86,150 के स्तर को पार कर गया जो अब तक का नया रिकॉर्ड है। निफ्टी में भी जोरदार उछाल देखा गया और यह 26,300 अंक से ऊपर कारोबार करने लगा। सुबह की इस तेजी से निवेशकों को लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ। रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेडिंग ने बाजार में नई ऊर्जा ला दी।
सेंसेक्स और निफ्टी ने बनाया इतिहास
आंकड़ों के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 452.35 अंकों की बढ़त के साथ 86,159.02 पर पहुंचा जो इसका नया लाइफटाइम हाई है। सुबह 9:45 बजे तक सेंसेक्स अभी भी तेजी में बना हुआ था और 86,022.65 पर ट्रेड कर रहा था। शुक्रवार को यह 85,706.67 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी बढ़त जारी रही और यह 123 अंकों की मजबूती के साथ 26,325.80 तक पहुंच गया। सुबह 10:50 बजे भी निफ्टी मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा था। यह सोमवार का सबसे मजबूत कारोबार माना जा रहा है।
किन कंपनियों में दिखी तेजी
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से बीईएल, टाटा मोटर्स, एसबीआई, टाटा स्टील और एचसीएल टेक में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई। इन सभी में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने भी मजबूती दिखाई और क्रमशः 0.4 तथा 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजाज फाइनेंस, आईटीसी और टाइटन में हल्की गिरावट देखने को मिली। घरेलू मांग में सुधार और आर्थिक मजबूती ने बाजार के मूड को सकारात्मक बनाए रखा।
जीडीपी आंकड़ों का असर
सरकार के अनुमान के अनुसार दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8 प्रतिशत से ज्यादा रही जो बाजार की उम्मीद से बेहतर थी। यह आंकड़ा आने के बाद निवेशकों ने खरीदारी बढ़ा दी जिससे बाजार में मजबूती देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की आर्थिक गति से आने वाले समय में और भी विकास के अवसर पैदा हो सकते हैं। यह रिपोर्ट कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत की मजबूती को दर्शाती है।
विदेशी और एशियाई बाजारों का रुख
अमेरिका में थैंक्सगिविंग के बाद हुए छोटे सत्र में शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई। उम्मीद है कि दिसंबर में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है जिससे बाजार में और मजबूती मिल सकती है। एशियाई बाजारों ने सोमवार की शुरुआत स्थिर रुख के साथ की। जापान का निक्केई 1.3 प्रतिशत गिर गया जबकि सोने की कीमतों में हल्की कमी दर्ज की गई। इस बीच चांदी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
घरेलू निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
संस्थागत आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने 28 नवंबर को 3,795 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू निवेशकों ने 4,148 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह दिखाता है कि स्थानीय निवेशकों का भरोसा अभी भी बरकरार है। हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
तेल और रुपये पर असर
अमेरिका द्वारा अगले साल पहली तिमाही में तेल उत्पादन रोकने की योजना के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 1.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। ब्रेंट क्रूड 62.99 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 59.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। दूसरी ओर रुपया डॉलर के मुकाबले दबाव में रहा और विशेषज्ञों का कहना है कि कारोबार के दौरान इसमें तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशक आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं।

























