पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इमरान खान जेल से ही लोगों को सेना के खिलाफ भड़का रहे हैं वह अब दुश्मन जैसी भाषा बोल रहे हैं उनके हर बयान में देशद्रोह की झलक दिखती है सेना प्रवक्ता ने कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जेल में बंद इमरान के बयानों को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ बताया गया सेना मानती है कि यह राजनीतिक बयान नहीं बल्कि देश को बांटने की कोशिश है ऐसे आरोपों ने पाकिस्तान में आग लगा दी है
प्रवक्ता ने क्या कहा मीडिया से?
सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों से खुलकर बात की उन्होंने कहा कि इमरान हर बयान में शेख मुजीबुर रहमान का नाम ले रहे हैं यह दुश्मन की भाषा है 1971 में पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था और सेना उसे देशद्रोह मानती है इसी के आधार पर इमरान पर गंभीर आरोप लगाए गए बयान में कहा गया कि सेना और जनता के बीच दरार डालने की कोशिश चल रही है ऐसे कदम अब बर्दाश्त नहीं होंगे प्रवक्ता ने इसे पाकिस्तान की एकता के खिलाफ बताया
तीन दिन में इतना बड़ा बदलाव?
दिलचस्प बात यह है कि तीन दिन पहले इमरान की बहन उज़मा उनसे जेल में मिली थीं उन्होंने कहा था कि इमरान पूरी तरह स्वस्थ हैं उन्होंने किसी बीमारी की बात नहीं की तो अचानक इमरान को मानसिक बीमार कैसे घोषित कर दिया गया यही सवाल अब पाकिस्तान में हर जगह उठ रहा है विपक्ष इसे राजनीतिक बदला बता रहा है इमरान के समर्थक सेना के दावे पर शक जता रहे हैं इस विवाद से जेल प्रशासन भी सवालों में है
अनुच्छेद 19 का हवाला क्यों?
सेना प्रवक्ता ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी की अपनी सीमा है विपक्ष लोकतंत्र की परिभाषा तय नहीं कर सकता हर मुद्दे में सेना को घसीटना गलत है प्रवक्ता के अनुसार इमरान बैठकों में सेना प्रमुख के खिलाफ बयान देते हैं उन्होंने चेतावनी दी कि सेना और जनता के बीच अलगाव पैदा करने की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी यह बयान पाकिस्तान की राजनीति में टकराव और बढ़ाने वाला माना जा रहा है कई विशेषज्ञ इसे नई कड़ाई की शुरुआत कह रहे हैं
क्या ये सीडीएस पदोन्नति से जुड़ा है?
चार दिसंबर को असीम मुनीर को सेना प्रमुख हटाकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बना दिया गया सीडीएस पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली पद माना गया अब तीनों सेनाओं की कमान एक ही व्यक्ति के पास है ऐसे बड़े बदलाव के तुरंत बाद इमरान पर हमला हुआ पहले सेना इमरान पर सीधी टिप्पणी से बचती थी अब अचानक सुर बदले इससे राजनीतिक हलकों में नए सवाल उठ खड़े हुए कई लोग इस बयान को मुनीर की पदोन्नति से जोड़कर देख रहे हैं सत्ता समीकरण तेजी से बदलते नज़र आ रहे हैं
दुनिया की क्या प्रतिक्रिया आ रही?
ब्रिटेन के अखबार द गार्जियन ने इसे तानाशाही की ओर बढ़ता कदम बताया रिपोर्ट के अनुसार मुनीर को अब न हटाया जा सकता है न ही उन पर मुकदमा चल सकता है ऐसा सिस्टम लोकतंत्र की जगह डर पैदा करता है सेना द्वारा इमरान को मानसिक घोषित करना राजनीतिक दबाव माना जा रहा है विपक्ष इसे जनता की आवाज़ दबाने वाली कार्रवाई कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया पाकिस्तान की स्थिरता पर चिंता व्यक्त कर रहा है आने वाले दिनों में प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है
आगे क्या होगा पाकिस्तान की राजनीति में?
इमरान खान पहले ही कई मामलों में जेल में बंद हैं उनके खिलाफ नए आरोप माहौल और गरमा देंगे इमरान की पार्टी इसे राजनीतिक साज़िश बता रही है जनता भी दो गुटों में बंटती नज़र आ रही है सेना के बयान से हलचल और बढ़ गई है कानूनी लड़ाई तेज होने वाली है क्या इमरान और भी मुश्किल में फंसेंगे या यह दावा सिर्फ दबाव की नीति है आने वाला वक्त पाकिस्तान की दिशा तय करेगा

























