क्या सेवा से जुड़कर दिया गया संदेश?
श्री फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती पर आम आदमी पार्टी के विधायक ने संगत के साथ मिलकर स्वच्छता सेवा की। श्री फतेहगढ़ साहिब वह स्थल है जहां माता गुजरी जी और छोटे साहिबजादों का बलिदान इतिहास में दर्ज है। विधायक हाथ में झाड़ू लेकर आम संगत के बीच खड़े दिखे। यह दृश्य केवल कार्यक्रम नहीं था। यह सत्ता के व्यवहार का संकेत था। संदेश साफ था कि सरकार कागजों में नहीं रहती। वह जमीन पर दिखती है।
होली सिटी का दर्जा क्यों अहम है?
पंजाब सरकार ने तीन पवित्र नगरों को विशेष सम्मान दिया है। इनमें श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब शामिल हैं। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह फैसला सिख धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए है। होली सिटी का दर्जा केवल नाम नहीं है। इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। इन नगरों को विशेष देखभाल मिलेगी। धार्मिक गरिमा को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार इन शहरों में क्या बदलना चाहती है?
सरकार का फोकस साफ है। स्वच्छता, आधारभूत ढांचा और श्रद्धालुओं की सुविधा। सड़कों का सुधार किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के आसपास अव्यवस्था खत्म की जाएगी। तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। सरकार मानती है कि श्रद्धा के स्थान अव्यवस्थित नहीं हो सकते। यहां व्यवस्था भी पूजा का हिस्सा है। इसी सोच के तहत योजनाएं बनाई गई हैं।
फतेहगढ़ साहिब की सेवा क्यों खास रही?
इस सेवा कार्यक्रम को औपचारिक नहीं माना गया। इसे सरकार की सोच से जोड़ा गया। विधायक का संगत के साथ बैठना प्रतीकात्मक था। इससे यह भरोसा बना कि प्रतिनिधि दूरी नहीं बना रहे। बीते वर्षों में धार्मिक स्थलों पर सरकार का ध्यान बढ़ा है। रखरखाव से लेकर सुविधाओं तक काम हुआ है। यही कारण है कि संगत में उत्साह दिखा। लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया।
पर्यावरण को क्यों जोड़ा गया पवित्रता से?
होली सिटी घोषित होने के बाद पर्यावरण संरक्षण को भी अहम माना गया। सरकार ग्रीन बेल्ट विकसित कर रही है। प्रदूषण कम करने के प्रयास तेज किए गए हैं। सांस्कृतिक विरासत को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखा जा रहा है। शराब और धूम्रपान पर नियंत्रण जैसे नियम लागू किए गए हैं। उद्देश्य साफ है। धार्मिक वातावरण बना रहे। पवित्रता केवल प्रतीक न रहे।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की क्या राय है?
धार्मिक संगठनों और स्थानीय व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। इससे रोजगार के अवसर आएंगे। छोटे व्यापार को लाभ मिलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुविधाएं बेहतर रहीं तो अंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगी। पंजाब के ये नगर दुनिया के मानचित्र पर उभर सकते हैं। यह केवल आस्था नहीं, अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा कदम है।
सरकार इसे कैसे आगे बढ़ाना चाहती है?
सेवा कार्यक्रम के बाद विधायक ने साफ कहा कि यह एक दिन की बात नहीं है। यह सरकार की निरंतर नीति है। भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार पवित्र भूमि को स्वच्छ रखना चाहती है। उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां गर्व महसूस करें। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। विकास और श्रद्धा साथ-साथ चलें। यही इस पहल की असली भावना है।

























