उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से खत्म हो चुकी है। यह डेडलाइन पहले ही दो बार बढ़ाई जा चुकी थी। इस बार चुनाव प्रशासन ने साफ कहा कि पर्याप्त समय दिया जा चुका है। फॉर्म भरने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब और मोहलत देने की जरूरत नहीं मानी गई। फोकस अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने पर है।
वोटर लिस्ट से कितने नाम हटेंगे?
राज्य की मौजूदा वोटर लिस्ट में करीब 15.44 करोड़ नाम दर्ज हैं। इनमें से लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने की तैयारी है। यह फैसला व्यापक जांच के बाद लिया गया है। उद्देश्य वोटर लिस्ट को शुद्ध और सटीक बनाना है। चुनाव से पहले सूची की सफाई को जरूरी कदम माना गया है। इससे वोटर लिस्ट का आकार काफी बदल जाएगा।
सबसे ज्यादा कौन से वोटर प्रभावित होंगे?
हटाए जाने वाले नामों में 1.26 करोड़ ऐसे वोटर हैं जो स्थान बदल चुके हैं। करीब 46 लाख वोटरों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। लगभग 23.70 लाख नाम डुप्लिकेट पाए गए। 83.73 लाख वोटर सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिले। 9.57 लाख अन्य श्रेणियों में रखे गए हैं। सभी कैटेगरी अलग-अलग जांच के बाद तय की गई हैं।
ड्राफ्ट और फाइनल लिस्ट की टाइमलाइन क्या है?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa के मुताबिक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को जारी होगी। 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। इन पर फैसला 21 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने का दावा किया गया है।
1.11 करोड़ वोटरों को नोटिस क्यों भेजे जाएंगे?
करीब 1.11 करोड़ वोटर ऐसे हैं जिनका सत्यापन मैपिंग प्रक्रिया से पूरा नहीं हो पाया। इन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। उनसे पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे। नोटिस सीधे घरों तक पहुंचाए जाएंगे। Election Commission of India का कहना है कि इससे गलत तरीके से नाम कटने से बचाव होगा।
घर-घर सत्यापन कैसे हुआ?
इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट शामिल रहे। संदिग्ध वोटरों की सूची बूथवार साझा की गई। अधिकारियों ने घर जाकर जानकारी सत्यापित की। शुरुआती आंकड़ों में हटने वाले नाम ज्यादा थे। बाद में करीब सात लाख वोटर ट्रेस कर लिए गए। इससे अंतिम आंकड़ों में बदलाव हुआ।
नए वोटरों के लिए क्या रास्ता खुला है?
प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा नए वोटर आवेदन कर चुके हैं। जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के होंगे, वे पात्र हैं। फॉर्म-6 के जरिए आवेदन लिया जा रहा है। जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। घोषणा पत्र भी साथ में लिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि शुद्धिकरण के साथ नए असली वोटरों को जोड़ना प्राथमिकता है।

























