Telecom Regulatory Authority of India ने देश के प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर कुल 150 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह जुर्माना उन कंपनियों पर लगाया गया है जो स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को रोकने में नाकाम रहीं। यह कार्रवाई 2020 से 2023 के बीच तीन साल की अवधि को ध्यान में रखते हुए की गई है। TRAI का कहना है कि लगातार चेतावनी देने के बावजूद कंपनियों ने जरूरी कदम नहीं उठाए।
TRAI का क्या कहना है?
TRAI के मुताबिक यह जुर्माना इसलिए नहीं लगाया गया कि किसी नेटवर्क से स्पैम कॉल या मैसेज भेजे गए, बल्कि इसलिए कि टेलीकॉम कंपनियों ने स्पैमर्स के खिलाफ समय पर और प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का सही तरीके से समाधान भी नहीं किया गया। TRAI ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कितने स्पैम कनेक्शन किए गए बंद?
TRAI की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल करीब 21 लाख स्पैम कनेक्शन बंद किए गए थे और 1 लाख से अधिक कनेक्शनों को ब्लैकलिस्ट किया गया। वहीं सितंबर 2024 में भी 18.8 लाख स्पैम कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए और 1150 कनेक्शनों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके बावजूद कई टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने स्पैम गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया।
नियमों में TRAI ने क्या सख्ती की?
स्पैम कॉल्स और मैसेजेज पर लगाम लगाने के लिए TRAI ने नियमों को और कड़ा कर दिया है। जांच में सामने आया कि कई कंपनियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया, जिससे समस्या बनी रही। अब ऐसी लापरवाही पर सीधे आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
DND ऐप से उपभोक्ताओं को क्या सुविधा?
TRAI ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए DND ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए कोई भी यूज़र केवल कुछ क्लिक में स्पैम कॉल या मैसेज की शिकायत दर्ज कर सकता है। उपभोक्ता सात दिनों के भीतर किसी भी स्पैम गतिविधि की रिपोर्ट कर सकते हैं। यह ऐप शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाता है। TRAI ने यह भी तय किया है कि अगर किसी सेंडर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर पांच शिकायतें दर्ज होती हैं, तो टेलीकॉम कंपनी को उस पर कार्रवाई करना अनिवार्य होगा। इससे स्पैम भेजने वालों पर जल्दी शिकंजा कस सकेगा और कंपनियों की जवाबदेही तय होगी।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
TRAI का मानना है कि इस सख्त कदम से देश में स्पैम कॉल्स और मैसेज की समस्या पर नियंत्रण लगेगा। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेना पड़ेगा। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा, जिन्हें अनचाहे कॉल्स और मैसेज से राहत मिलने की उम्मीद है।

























