ईरान के कई शहरों में भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। लोग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं। सड़कों पर बड़ी भीड़ उतर आई है। पुलिस इन लोगों को रोकने की कोशिश कर रही है। कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं। सोशल मीडिया पर मारपीट के वीडियो भी सामने आए हैं। सरकार हालात को काबू में बताती है। लेकिन ज़मीन पर डर साफ दिखाई देता है।
क्या तेहरान अमेरिका को खुली धमकी दे रहा है?
ईरान ने अमेरिका को सख्त संदेश भेजा है। उसने कहा है कि अगर अमेरिका हमला करेगा तो जवाब जरूर दिया जाएगा। ईरान ने साफ किया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर होंगे। ये ठिकाने सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में हैं। ईरान ने इन देशों को भी चेतावनी दी है। यह बयान पूरे इलाके में चिंता बढ़ा रहा है। सभी देश सतर्क हो गए हैं।
ट्रंप ने सैनिकों को क्यों हटाने का आदेश दिया?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खतरे को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मध्य पूर्व के कई बेस से अमेरिकी सैनिकों और कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है। यह कदम सुरक्षा के लिए बताया जा रहा है। अमेरिका नहीं चाहता कि उसके लोग किसी हमले में फंस जाएं। ईरान के पास मिसाइल और ड्रोन हैं। एक हमला बड़ी तबाही ला सकता है। इसलिए अमेरिका सावधानी बरत रहा है।
क्या खाड़ी देश अब खतरे में हैं?
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी बेस हैं। ईरान ने इन जगहों को निशाना बनाने की बात कही है। इससे इन देशों की चिंता बढ़ गई है। उनके एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन देशों की अर्थव्यवस्था शांति पर टिकी है। किसी भी हमले से बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए वे हालात को शांत रखना चाहते हैं।
क्या ईरान सख्ती दिखाकर दुनिया को संदेश दे रहा है?
ईरान की न्याय व्यवस्था ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। वहां के शीर्ष न्यायाधीश ने कहा है कि कार्रवाई तुरंत होनी चाहिए। इसका मतलब तेज सजा और फांसी भी हो सकती है। यह कदम बाहर की दुनिया को भी संदेश देता है। ईरान दिखाना चाहता है कि वह झुकेगा नहीं। यह रुख तनाव को और बढ़ा रहा है।
क्या ट्रंप की चेतावनी से हालात और बिगड़े?
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने फांसी जैसी सजा पर नाराजगी जताई है। यह बयान ईरान को सीधी चुनौती लगता है। तेहरान ने इसे दखल बताया है। इसी के बाद दोनों देशों के बीच शब्दों की जंग तेज हो गई है। इससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
क्या एक चूक से बड़ा युद्ध शुरू हो सकता है?
मध्य पूर्व इस समय बहुत नाजुक दौर से गुजर रहा है। प्रदर्शन, धमकियां और सेना की हलचल सब एक साथ चल रही है। एक छोटी सी गलती भी बड़ा युद्ध छेड़ सकती है। कोई मिसाइल या गलतफहमी हालात बदल सकती है। दोनों पक्ष ताकत दिखा रहे हैं। पूरी दुनिया इस संकट को देख रही है। आने वाले दिन बहुत अहम होने वाले हैं।

























